प्रति व्यक्ति आय में आठ फीसदी इजाफा, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा बजट सत्र में रखी आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 रिपोर्ट, खुले कई राज

उत्तराखंड में लोगों का जीवन स्तर सुधरने के साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में इजाफा हुआ है।…

बेरोजगारों को जमकर मिली नौकरी! सीएमआईई रिपोर्ट में खुलासा-बेरोजगारी दर में 14.1 फीसदी गिरावट

उत्तराखंड में बेरोजगारी की दर में 14.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सीएमआईई की…

अग्निपथ भर्ती याेजना के खिलाफ राकेश टिकैत का ऐलान, देशभर में आंदोलन करेंगे किसान

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि…

तेंदुए के हमले रोकने के लिए क्या है प्लान? हाईकोर्ट नैनीताल ने सरकार से पूछा

हाईकोर्ट ने गुरुवार को ग्रामीण क्षेत्रों मे तेंदुए के हमलों में जान गंवाने और घायल होने…

तीन शब्दों में ही दे दिया बॉस को इस्तीफा, वायरल होने लगा त्यागपत्र

इंटरनेट पर कई  बार अजीबो–गरीब ऐप्लिकेशन या लेटर वायरल हो जाते हैं जिन्हें पढ़कर पूरा मजा आता है। अब एक ऐसा रेजिग्नेशन लेटर वायरल हो रहा है जिसमें पढ़ने के लिए बहुत कुछ नहीं है लेकिन लोगों को काफी मजा आ रहा है। सोशल मीडिया पर इस त्याग पत्र को पढ़कर लोग आनंद ले रहे हैं। इस शख्स ने तीन शब्दों में ही बॉस को इस्तीफा थमा दिया। लोग जब इस्तीफा देते हैं तो अपने अंदाज में इसका मैटर तैयार करते हैं। इसमें कम से कम लोग अपने बॉस या कंपनी को धन्यवाद देते हैं। अपना अनुभव भी शेयर करते हैं। कई बार इस्तीफा देने की वजह भी बताई जा रही है। लेकिन इस लेटर में केवल डियर सर के बाद ‘बाय–बाय सर‘ ही लिखा गया है। ट्विटर पर कावेरी नाम की यूजर ने इस लेटर की तस्वीर शेयर की।

गधों का दूध बेचने के लिए छोड़ दी आईटी जॉब, 42 लाख में खरीदे 20 गधे

गधों को देखकर बरबस दिमाग में आता है कि यह जानवर किसी काम का नहीं है…

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी स्कूलों की निगरानी, शैक्षिक गुणवत्ता सहित इन मु्द्दों पर फोकस

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार कमांड एवं कंट्रोल सेंटर…

बिजली संकट के बीच 120 मेगावाट खोदरी पावर हाउस में लगी आग,टरबाइन जल कर राख-करोड़ों रुपये का नुकसान

उत्तराखंड में बिजली संकटके बी 120 मेगावाट के खोदरी पावर हाउस में बुधवार दिन में अचानक आग लग…

गृहमंत्री अमित शाह के नाम से CM पुष्कर सिंह धामी को भेजा पत्र निकला फर्जी, जेड सिक्योरिटी सहित इन बातों का उल्लेख

गृहमंत्री अमित शाह का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित पत्र वायरल करने के…

विधानसभा बजट सत्र: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चले सदन, कांग्रेस के धारधार सवालों से भाजपा के मंत्री असहज

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार 14 जून को शुरू हो गया है।  सदन के पहले…

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।