“ऑपरेशन मेघदूत” में शहीद हुए चंद्रशेखर हर्बोला का पार्थिव शरीर 38 साल बाद पहुंचा घर!!!

वर्ष 1984 में सियाचिन ग्लेशियर में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन मेघदूत’ (Operation Meghdoot) के दौरान लापता हुए शहीद चंद्रशेखर हरबोला बैच संख्या 5164584 का 38 साल बाद पार्थिव शरीर बर्फ के नीचे बरामद हुआ। इसकी सूचना जैसे ही उनकी पत्नी को मिली, वह फूट फूटकर रो पड़ीं। तमाम स्मृतियां जो धूंधली हो रही थीं फिर से ताजा हो गईं। शहीद का परिवार दुख और गर्व में डूबा हुआ है। सेना 17 अगस्त को पार्थिव शरीर लेकर हल्द्वानी घर पहुंची। इस मौके पर सीएम धामी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन मेघदूत में बलिदान हुए चन्द्रशेखर हर्बोला को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। उनकी स्मृति को हमेशा यादों में जिंदा रखने के लिए शहीद धाम में लगाया जाएगा।यह घोषणा सीएम ने शहीद के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने के दौरान की। इस दौरान पूरा इलाका तिरंगे गुब्बारे से सजा हुआ था। बड़ी संख्या में लोग शहीद हर्बोला को श्रद्धांजलि देने के लिए गली व मकान छतों पर मौजूद रहे।सीएम ने कहा कि चंद्रशेखर के बलिदान पर उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश गर्व करता है। बलिदानी के भतीजे राजेंद्र सिंह हर्बोला ने सीएम धामी से बलिदानी के मूल निवास बेंती से गांव तक सड़क बनाने की मांग की। इस पर सीएम के जल्द मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। करीब 15 मिनट दर्शन के बाद वह रवाना हुए। श्रद्धांजलि देने वालों में मंत्री गणेश जोशी, रेखा आर्य,  मेयर जोगेन्द्र सिंह रौतेला, लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट, विधायक राम सिंह केड़ा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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