अस्पताल में सरकार का पूरा सहयोग, फिर भी लापरवाही : आयोग – Nikhil Chetna

अस्पताल में सरकार का पूरा सहयोग, फिर भी लापरवाही : आयोग

1 अगस्त 2023 देहरादून :  दून अस्पताल में महिला की लिफ्ट के बाहर डिलीवरी पर महिला आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई है। आयोग ने अस्पताल को पत्र लिखकर रिपोर्ट तलब की है। आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि सरकार लगातार सहयोग कर रही है। नए भवन भी बनाए जा रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों, स्टाफ द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। जो सही नहीं है। उन्होंने प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना को फोन कर तत्काल ऐसे डॉक्टरों एवं स्टाफ को निर्देशित करने एवं कार्रवाई करने को कहा है। नाराजगी जाहिर कर कहा कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में इस प्रकार की घटना होना संवेदनशील है। अस्पताल की व्यवस्था व कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार को ठीक करने लिए निर्देश दिया है। प्राचार्य ने आयोग अध्यक्ष को बताया कि तुरंत ही महिला एवं नवजात को लेबर रूम में लिया गया, दोनों स्वस्थ है। लिफ्ट के बाहर डिलीवरी के मामले में विभाग की तरफ से सफाई पेश की गई कि लेबर पेन नहीं होने की वजह से टहलने को बोला था, जो चाय पीने के लिए चली गई। प्राचार्य ने डॉक्टर-स्टाफ को अलर्ट रहने एवं पुनरावृत्ति पर कार्रवाई को चेताया। टीम ने देखा कि गायनी विंग में मरीजों के साथ तीमारदार अंदर ही रहते हैं। जिससे स्थिति बिगड़ रही है। एनएसी के बाहर वेटिंग एरिया बनाने एवं जरूरत पड़ने पर ही तीमारदारों को अंदर भेजने को कहा।

अस्पताल प्रबंधन ने अब कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। प्राचार्य की अगुवाई में जायजा लेने पर तत्काल नया वार्ड शुरू कराया जा रहा है। नए वार्ड बनाए जा रहे हैं और गर्भवतियों की सुविधा बढ़ाई जा रही है।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की अगुवाई में अफसरों ने गायनी विंग, नई ओटी इमरजेंसी का निरीक्षण किया। प्राचार्य ने पुरानी एमआरआई की जगह बन रहे वार्ड में सुस्ती पर प्रशासनिक अनुभाग एवं संबंधित संस्था से कड़ी नाराजगी जताई। जिस पर सोमवार को यहां बिजली-पानी का इंतजाम कर दिया गया और मंगलवार से इस 22 बेड के वार्ड को खोल दिया जाएगा। उधर, नई ओटी बिल्डिंग में दूसरे तल पर 20 बेड का नया वार्ड, गायनी का सात बेड का आईसीयू इसी सप्ताह शुरू करने की हिदायत दी। इस दौरान एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल, डीएमएस डॉ. धनंजय डोभाल, गायनी एचओडी डॉ. चित्रा जोशी, एएनएस केंदा संसार सिंह, एसओ दीपक राणा, सीपीआरओ महेंद्र भंडारी, स्टोर इंचार्ज प्रमोद मिश्रा, सुरक्षा सुपरवाइजर भरत सिंह नकोटी, सफाई पर्यवेक्षक महेंद्र चौहान आदि रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।