30 वर्षीय युवती ने खुद पर केरोसिन छिड़ककर लगाई आग

लखनऊ 14 मई 2023 : शाहजहांपुर के थाना आरसी मिशन इलाके के मोहल्ला रेती निवासी सुंदरलाल की 30 साल की बेटी सरोज यादव ने रविवार को अपने ऊपर केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। जबकि उसका भाई संजीव पास में खड़ा वीडियो बना रहा था। पीड़ित पक्ष ने नवनिर्वाचित पार्षद प्रतीक्षा के पति पवन गुप्ता पर प्रताड़ित करने का इल्जाम है। किसुंदरलाल यादव व पवन के मध्य कुएं की जमीन को लेकर लंबे वक़्त से विवाद चल रहा है। रविवार को कुएं में पूजा करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था। सूचना पर RC मिशन पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर पहुंच गई। वहीं घर के बाहर सरोज ने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली। आग की लपटों से घिरने के बाद उसे गंभीर हालत में राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

वहीं दूसरी ओर मामले की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें सरोज यादव आग लगा रही, जबकि उसका भाई संजीव वीडियो बना रहा है। सरोज यादव को लखनऊ रेफर किया गया है। सीओ सिटी बीएस वीर कुमार ने इस बारें में कहा है कि दोनों पक्षों में पूर्व से विवाद चला आ रहा है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।