”मैंने ऐसी संपत्ति और उन पर अवैध कब्जा करने वालों की विस्तृत जानकारी मांगी। कुल 188 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया है : अजेंद्र अजय

देहरादून, 24 अप्रैल 2023 : -केदारनाथ मंदिर समिति ने उत्तराखंड में अपनी संपत्ति के भीतर और बाहर अवैध कब्जा करने वाले 188 अतिक्रमणकारियों को सोमवार को नोटिस जारी किया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी। मंदिर समिति की न सिर्फ उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में, बल्कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी संपत्ति है। ये संपत्ति श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ और केदारनाथ के नाम पर दान की थी। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि 2022 में कार्यभार संभालने के बाद तुरंत बाद उनके संज्ञान में आया कि राज्य के भीतर और बाहर मंदिर समिति के स्वामित्व वाली कई संपत्ति पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।

अजय ने कहा, ”मैंने ऐसी संपत्ति और उन पर अवैध कब्जा करने वालों की विस्तृत जानकारी मांगी। कुल 188 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसे कुछ अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई है। हम उन्हें भी जल्द नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अगर उन्होंने तत्काल हमारी संपत्ति को खाली नहीं किया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि पिछले साल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिन्होंने हमारी जमीन, धर्मशाला या वाणिज्यिक जगह को पट्टे पर लिया था, लेकिन अनुबंध की शर्तों के अनुसार किराए का भुगतान नहीं कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इन लोगों से 22 लाख रुपये वसूले गए हैं। बद्रीनाथ के नाम पर बीकेटीसी के पास महाराष्ट्र के मुरादनगर में 17 एकड़ जमीन, लखनऊ में 11,020 वर्ग फुट जमीन, रामनगर में 42 बीघा जमीन के अलावा देहरादून, चमोली और हल्द्वानी में भी संपत्ति है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।