महिला बंदियों के पुनर्वास की दिशा में नई पहल, जिला कारागार में आयोजित हुआ ब्यूटी एवं ग्रूमिंग प्रशिक्ष – Nikhil Chetna

महिला बंदियों के पुनर्वास की दिशा में नई पहल, जिला कारागार में आयोजित हुआ ब्यूटी एवं ग्रूमिंग प्रशिक्ष

 

देहरादून, 12 अक्टूबर 2026। महिला बंदियों के पुनर्वास, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें जीवन में नई शुरुआत के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा जिला कारागार में एक विशेष ब्यूटी एवं ग्रूमिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 44 महिला बंदियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वयं की देखभाल और सौंदर्य संबंधी कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समन्वय तथा क्लाउड-9 यूनिसैक्स सैलून, देहरादून के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में क्लाउड-9 की अधिकारी मिली थावानी के नेतृत्व में महिला बंदियों को हेयरकट, क्लीनअप, थ्रेडिंग, वैक्सिंग सहित विभिन्न ग्रूमिंग सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को व्यक्तिगत देखभाल के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें उपयोगी कौशलों से जोड़ना था।

यह कार्यक्रम जिला न्यायाधीश देहरादून हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि कारागार सुधार की अवधारणा केवल विधिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि निरुद्ध व्यक्तियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना और समाज में सम्मानजनक पुनर्वास से भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला बंदियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सकारात्मक सोच विकसित करने और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे प्रयास यह संदेश भी देते हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न रही हों, सकारात्मक बदलाव और बेहतर भविष्य की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, विधिक सेवा संस्थाओं का दायित्व केवल जरूरतमंद लोगों को न्याय तक पहुंच दिलाना ही नहीं, बल्कि उनके अधिकारों, मानवीय गरिमा और पुनर्वास को भी प्रोत्साहित करना है। इसी व्यापक उद्देश्य के तहत महिला बंदियों के लिए कौशल विकास एवं व्यक्तित्व संवर्धन से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने क्लाउड-9 यूनिसैक्स सैलून और उसकी प्रतिनिधि मिली थावानी का आभार व्यक्त किया। प्राधिकरण ने भविष्य में भी बंदियों तथा समाज के अन्य वंचित वर्गों के लिए विधिक जागरूकता, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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