उत्तराखंड बस हादसा: 26 श्रद्धालुओं की मौत पर पीएम ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख देने की घोषणा

उत्तराखंड के यमुनोत्री हाइवे पर रविवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। यहां डामटा के पास एक बस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में बस सवार 26 श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को डामटा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।वहीं, हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

जानकारी के मुताबिक रविवार को हरिद्वार से बस मध्य प्रदेश के यात्रियों को लेकर यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई। शाम करीब पौने सात बजे डामटा के पास रिखाऊ खड्ड के पास अचानक अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना के बाद एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कार्य में जुट गई। पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि बस में चालक समेत 30 लोग सवार थे। घटना में 23 लोगों की मौके पर ही मौत हुई है, जबकि 05 लोग गंभीर घायल हुए हैं।

मौके पर मौजूद पुलिस ने बताया कि अब तक 23 लोगों के शव गिन लिए गए हैं और 09 शव खाई से निकाल लिए थे। जबकि अन्य के लिए रेस्क्यू जारी है। डामटा हादसे पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि, प्रधानमंत्री ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए पीएम राहत कोष से दो दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

हादसे का काफी देर बाद चला पता
डामटा के पास यात्रियों की बस ऐसे निर्जन स्थान पर खाई में गिरी कि, कोई इनकी चीख पुकार सुनने वाला तक मौजूद नहीं था। बताया जा रहा है कि, यहां से वाहनों में जा रहे यात्रियों को हादसे का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पर दो से तीन गाड़ियां पास हो सकती हैं। समझा जा रहा है कि, शाम की धुंधली रोशनी में संभवत: ओवरस्पीड के कारण यह हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने डामटा हादसे के बाद सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम पहुँच कर बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली और मौके पर मौजूद अफसरों को जरूरी निर्देश दिए।

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