उत्तराखंड में वनाग्नि: पिथौरागढ़ के बेस अस्पताल तक पहुंची जंगल की आग-अफरातफरी

पिथौरागढ़ में जंगलों की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। शहर क्षेत्र के नजदीकी जंगल में लगी भीषण आग स्थानीय बेस अस्पताल तक पहुंच गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर फायर सर्विस को बुलाना पड़ा। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे नुकसान होने से बच गया।

वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में सुलग रहे जंगलों से लाखों की वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है। शहर के नजदीक पुनेड़ी के जंगलों में लगी भीषण आग बीते सोमवार देर शाम बेस अस्पताल तक पहुंच गई। अस्पताल के नजदीक आग पहुंचने से वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया।

उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस फायर सर्विस के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस जवान व फायर कर्मी आग बुझाने में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली।

वहीं बड़ाबे के जंगल भी जलते रहे। जंगलों की आग आबादी के नजदीक पहुंचने पर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। वहां भी पुलिसकर्मियों ने फायर सर्विस के साथ पहुंचकर किसी तरह आग बुझाई, जिसके बाद लोगों ने राहत महसूस की। आग लगने से लाखों की वन संपदा को खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी संकट के बादल गहराने लगे हैं।

बारिश थमी तो बढ़ी वन विभाग की मुश्किल
बीते दिनों हुई बारिश के बाद जंगलों की आग शांत हो गई थी। लेकिन सीमांत में बीते कुछ दिनों से बारिश थमी है। पारा चढ़ते ही फिर से जंगल सुलगने लगे हैं और वन विभाग की मुश्किल बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के जंगल धधक रहे हैं। लेकिन आग बुझाने में वन विभाग के पसीने छूट रहे हैं। अब तक जिले में 400 हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक हो चुके हैं।

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