जिलाधिकारी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट कालेज का निरीक्षण कर मतगणना तैयारियों का लिया जायजा

देहरादून  : जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती सोनिका ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट कालेज का निरीक्षण कर मतगणना तैयारियों का जायजा। उनहोंने निरीक्षण के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने शूटिंग हॉल एवं मल्टीपरपज हॉल में विधानसभावार बनाये गए मतगणना केन्द्र का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाएं परखी। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया की मतगणना हॉल में मतगणना की गोपनीयता बनी रहे इसके लिए भी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करवाएं।
जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रेस से मुखातिब होते हुए कहा कि मतगणना की समुचित तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि सभी विधानसभाओं की मतगणना की रिर्हसल की गई। इस बार ईवीएम को स्ट्रांगरूम से मतगणना टेबल तक ले जोने वाले कार्मिकों की विधानसभावार अलग-अलग ड्रेस कोड की व्यवस्था बनाई गई है। विधानसभावार 14-14 टेबल लगाई गई हैं। मतगणना कार्मिकों सहित हजार से अधिक कार्मिक व्यवस्थाओं में लगे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।