तीन दिवसीय प्रवास में ग्रामीणों ने लगाया देवी को अर्ध्य – Nikhil Chetna

तीन दिवसीय प्रवास में ग्रामीणों ने लगाया देवी को अर्ध्य

रुद्रप्रयाग-तल्लानागपुर पट्टी के नौजूला की आराध्य मां भगवती चंडिका नारी देवी चारों दिशाओं की देवरा यात्रा पूरी करने के बाद इन दिनों पुन: घर देवरा में भक्तों की कुशलक्षेम पूछ रही है। साथ ही ग्रामीणों व ध्या​णियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दे रही है। घर देवरा यात्रा में स्यूंपुरी गांव पहुंचंने पर ग्राम प्रधान श्रीमती बीना बर्त्वाल सहित ग्रामीणों ने मां भगवती का स्वागत किया।

यहां, तीन दिवसीय घर देवरा यात्रा पर पहुंचने पर ग्राम प्रधान स्यूपुरी श्रीमती बीना बर्त्वाल ने अपने घर में समस्त ग्रामीणों की कुशलता व मंगल कामना के लिए मां भगवती को भेंट अर्पित की। साथ ही देवी भक्तों के ​लिए जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की। गांव में तीन दिवसीय प्रवास के प्रथम दिवस ग्रामीणों ने मां चंडिका को सामूहिक अर्ध्य लगाया। इस मौके पर बासी, ढोल एवं दमाऊं की थाप पर देवी के एरवाल ने ब्रह्मपुंज को लेकर अलग-अलग नृत्य किया। विशेष पूजा-अर्चना के साथ अन्य धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के उपरांत मां भगवती चंडिका नारी देवी की महाविद्या पाठ किया गया और देवी को खीर का भोग लगाया गया। मां भगवती को सांयकालीन आरती के बाद रात्रि विश्राम के लिए विराजमान किया गया।

अगली सुबह मां भगवती का आह्वान करते हुए विशेष पूजा-अर्चना एवं वेद मंत्रोच्चार के साथ आरती उतारी ।

मां भगवती ग्राम सभा स्यूंपुरी में तीन दिवसीय घर देवरा यात्रा के तहत घर-घर भ्रमण कर अपने भक्तों और ध्या​णियों को सुख-समृद्धि एवं वैभव का अपना आशीर्वाद दिया। इस मौके पर ध्या​णियों ने मां भगवती को भेंट अर्पित कर अपने घर, परिवार की कुशलता की कामना भी की। इस दौरान कई ध्या​णियां भावुक भी हो गईं। तीन दिवसीय घर देवरा यात्रा के दूसरे दिन मां भगवती ने गांव के मुल्या खोला और तीसरे दिन मुल्या बृजवाणा में रात्रि प्रवास किया। इसके उपरांत उपरांत मां भगवती ने सतेरा गांव के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान स्यूंपुरी गांव के ग्रामीण अपनी आराध्य को विदा करने गांव की सीमा तक पहुंचे। इस मौके पर गांव की कई बुजुर्ग महिलाएं नजरों से ओझल होने तक अपनी आराध्य को निहारते रहे।

बता दें कि 17 मई से 3 जून तक मां चंडिका देवी घर देवरा यात्रा के नौजूला के गांवों का भ्रमण करेगी। इसके उपरांत 4 जून को मां भगवती चंडिका अपने मायके दरम्वाड़ी गांव पहुंचेगी। जहां पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ देवी के मैती अपनी आराध्य को भेंट अर्पित करेंगे। 5 जून को मायके गांव से मां चंडिका नारी देवी अपने मंदिर में पहुंचेगी। 6 जून देवी मलगाणा जायेगी। जिसमें गायत्री श​क्तियों के साथ देवी की रात्रि पूजा की जाएगी। जबकि 7 से 15 जून तक मां चंडिका नारी देवी की बन्याथ होगी। इस दौरान 7 को कुंड गज, जल कलश यात्रा, पंचांग पूजा के साथ महायज्ञ शुरू होगा। इस अनुष्ठान के तहत 8 से 13 जून तक प्रतिदिन गणेश पूजा, पंचांग पूजा, हवन यज्ञ होगा। 14 जून को भव्य जलकलश यात्रा होगी और 15 जून को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ पूर्ण होगा। साथ ही मां चंडिका नारी देवी की सात माह की देवरा यात्रा भी संपन्न हो जाएगी। इसके उपरांत वि​धि-विधान के साथ मां चंडिका नारी देवी अपने मूल मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगी।

इस मौके पर ग्राम प्रधान बीना देवी बर्त्वाल, नौजूला मंदिर समिति के अध्यक्ष दीक्षराज रावत, प्रद्युमन सिंह बर्त्वाल, पंडित राजेंद्र प्रसाद सेमवाल ,सतेंद्र, बर्त्वाल, नरेंद्र बर्त्वाल, कुलदीप बर्त्वाल, बलवंत बर्त्वाल, सत्येंद्र पाल सिंह बर्त्वाल, जयकृत सिंह बिष्ट, प्रकाश वीर नेगी, सुरेंद्र बर्त्वाल, राजेंद्र बर्त्वाल, नरेंद्र बर्त्वाल, दलवीर बर्त्वाल, महेंद्र बर्त्वाल, विजयपाल सिंह बर्त्वाल, धीरज बर्त्वाल, विनोद बर्त्वाल,पंडित राकेश चंद सेमवाल,रघुबीर दत्त सेमवाल, पुजारी सुरेन्द्र प्रसाद मलवाल सहित सैकड़ों भक्त मौजूद थे।

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