वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ऐतिहासिक समागम का किया गया आयोजन

लखनऊ/सहारनपुर: मुख्यमंत्री ने वीर बाल दिवस के अवसर पर चारों साहिबजादों के अतुलनीय बलिदान को नमन करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए डबल इंजन की सरकार सदैव गौरवशाली सिख समाज के साथ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुजनों का बलिदान देश के लिए था, धर्म के लिए था। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने यही बात कही थी *”सकल जगत में खालसा पंथ गाजे, जगे धर्म हिन्दू, सकल भंड भाजे”* उन्होंने कहा की आज मुगल सल्तनत के हुक्मरानों के घरों में कोई दीपक जलाने वाला नही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर शिष्य सिख है जो भी गुरु परम्परा के प्रति श्रद्धावनत है, वह स्वयं में एक सिख है। क्योंकि गुरु के प्रति सम्मान का भाव रहता है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ज्योति पुंज थे उन्होंने मुगलो की सल्तनत की उल्टी गिनती की घोषणा कर दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह चमकौर के युद्ध मे शहीद हो गए हम सब के लिए प्रश्न वही है क्या सिख गुरुओ का बलिदान व्यक्तिगत हित के लिए था, नही वह बलिदान देश के लिए था धर्म के लिए था, उन्होंने कहा कि बाबा नानक देव एक सन्त थे भक्ति का जागरण करते थे। भक्ति में भी शक्ति होती है बाबर को भी चुनोती देने का कार्य उसी काल।खंड में किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओ ने कभी चैन से बैठकर कभी स्वयं के लिए नही सोचा बल्कि अलग अलग परंपरा शुरू करने का काम किया किसी गुरु ने लंगर अनिवार्य किया, किसी ने सरोवर के माध्यम।से पुण्य का कार्य किया बल्कि गुरु अर्जुन देव ने जहाँगीर के अत्यचारो को चुनोती देने का कार्य किया। गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों के हित के लिए स्वयं का बलिदान कर दिया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंदर सिंह, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी चार साहिबजादों के बलिदान पर नमन किया। इस अवसर पर पूरे प्रदेश से सिख समाज के अनेकों गणमान्य व्यक्ति उवस्तिथ थे। नगर विधायक राजीव गुम्बर से विशेष स्नेह के कारण मुख्यमंत्री ने सारे कार्यक्रम के दौरान उन्हें अपने साथ ही रखा , वही वरिष्ठ भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश महामंत्री सरदार जसवंत सिंह बत्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता सुपनीत सिंह, सरदार जसपाल सिंह बत्रा, गगन दीप सिंह, पुनीत धीर, पार्षद राजेन्द्र सिंह कोहली सहित काफी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्तिथ रहे।

 

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