जांगड़ा पर चार विकासखंडों के स्कूलों में 18 सितम्बर को अवकाश घोषित – Nikhil Chetna

जांगड़ा पर चार विकासखंडों के स्कूलों में 18 सितम्बर को अवकाश घोषित

15 सितम्बर 2023 :  देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून और उत्तरकाशी ने संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज के निर्देश पर हनोल स्थित महासू मंदिर एवं दसऊ स्थित चालदा महाराज मंदिर परिसर में जागरा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व पर 18 सितम्बर को एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि जल्दी ही हनोल स्थित महासू देवता मंदिर का मास्टर प्लान तैयार कर वहां का सुनियोजित विकास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी अहमदाबाद की डिजाइन एजेंसी आईएनएस को दी गई है।

ज्ञात हो कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर ही पर्यटन विभाग ने श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ के तर्ज पर हनोल स्थित महासू देवता मंदिर के विकास हेतु एक प्रस्ताव तैयार किया था जिस पर पूर्व में ही प्रदेश मंत्रिमंडल अपनी मोहर लगा चुका है।

जौनसार बाबर के प्रमुख तीर्थ स्थल हनोल मंदिर में पूजा दर्शन के लिए हर वर्ष जांगड़े में हजारों श्रद्धालु आते हैं। 18 सितंबर को हनोल मंदिर और 19 सितंबर को चलदा महाराज दसऊ में जांगड़ा देवनायणी राजकीय मेला पर्व के आयोजन को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून के द्वारा विकासखण्ड कालसी व चकराता और मुख्य शिक्षा अधिकारी, उत्तरकाशी ने विकासखण्ड पुरोला और मोरी क्षेत्र के अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में 18 सितम्बर को एक दिन का अवकाश घोषित किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।