PWD सचिव ने धोरण पुल के पास हो रहे अवध खनन को लेकर दिए सख्त निर्देश

देहरादून 27 जुलाई 2023 : उत्तराखंड में लगातार अवैध खनन के चलते कमजोर हो रहे पुलों पर शासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहा है. देहरादून के एक बड़े हिस्से को शहर से जोड़ने वाले धोरण पुल पर  लगातार किए जा रहे अवैध खनन से पुल को होने वाले नुकसान के मामले को पीडब्ल्यूडी सचिव ने संज्ञान में लिया है. पीडब्ल्यूडी सचिव ने कहा है कि केवल देहरादून के इस पुल पर ही नहीं, बल्कि उनके द्वारा पूरे प्रदेश भर के पुलों के आस-पास हो रहे अवैध खनन को लेकर के सख्त कार्रवाई की जा रही है।पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज पांडे ने बताया कि अवैध खनन करने वालों के साथ साथ ऐसे पट्टे धारक जो कि नियमों और मानकों के विपरीत नदी पर मौजूद मोटर पुल के 100 मीटर के आसपास खनन करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पीडब्ल्यूडी सचिव ने बताया कि उनके द्वारा पिथौरागढ़ में भी एक पट्टे धारक का पट्टा इसी अनियमितता के चलते रद्द कर दिया गया है. देहरादून के धोरण पुल को लेकर लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने कहा कि वह यहां पर अपने जांच दल को भेजकर पुल का निरीक्षण करवाएंगे. यदि आस-पास हो रहे खनन के चलते पुल को नुकसान हो रहा है, तो खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे.

आईएएस अधिकारी पंकज पांडे का कहना है कि अक्सर यह देखा जाता है कि जिन लोगों को खनन के पट्टे अलॉट होते हैं, उन्हीं के द्वारा नियमों के विपरीत जाकर खनन किया जाता है. पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज पांडे का कहना है कि नियमों के मुताबिक किसी भी पुल के आसपास 100 मीटर तक के दायरे में खनन की किसी भी तरह की प्रक्रिया प्रतिबंधित है. यदि कोई ऐसा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ संगीन धाराओं में कार्रवाई का प्रावधान है. अधिकारियों का कहना है कि अक्सर मोटर ब्रिज के पास नदी का बेहतर एक्सेस पाते हुए खनन करने वाले लोगों द्वारा नदी में खनन किया जाता है. वहीं पुल से ज्यादा दूर खनन करने पर व्यावसायिक दृष्टिकोण से ज्यादा खर्च आता है. लिहाजा थोड़ा पैसा बचाने के लिए पट्टाधारक ही नियमों के विपरीत खनन करने लगते हैं. यदि इस तरह से कोई भी पट्टा धारक खनन करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. क्योंकि लगातार कई जगहों पर पुलों के टूटने के मामले सामने आ गए हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ में ऐसी एक कार्रवाई को अंजाम भी दिया जा चुका है.प्रदेश भर में लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे मोटर पुलों को लेकर जहां एक तरफ तमाम सवाल खड़े किए जा रहे हैं, तो वहीं कोटद्वार में मालन नदी का पुल टूटने के बाद विधानसभा अध्यक्ष और कोटद्वार विधायक ने इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाया था. जिसके बाद शासन प्रशासन में हड़कंप मचा. आनन-फानन में तमाम ऐसे पुलों का प्रदेश भर में ऑडिट करने के आदेश कर दिए गए जो की जर्जर स्थिति में हैं. लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडे ने बताया कि उनके पास ऑडिट रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट में पाया गया है कि पूरे राज्य में 75 ऐसे पुल हैं, जो कि जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं. इन सभी मोटर पुलों पर ट्रैफिक को रोका जाएगा. इन पुलों को मरम्मत कर मजबूत किया जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।