वोडाफोन कंपनी ने किया बड़ी छंटनी का ऐलान , सीईओ ने कहा कंपनी में भारी बदलाव की जरुरत

16 मई 2023  : दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक वोडाफोन ने बड़ा ऐलान करते हुए 11 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की बात कही है. कंपनी के सीईओ मार्गेरिटा डेला वैले ने कहा कि कंपनी में भारी बदलाव की जरुरत है. कंपनी की ओर से यह ऐलान पहली तिमाही के आंकड़ों के बाद बाद किया गया है. सीईओ ने कहा कि कंपनी का परफॉर्मेंस काफी खराब रहा है. ऐसे में कंपनी में काफी बदलाव की जरुरत महसूस की जा रही है. मौजूदा समय में पूरी दुनिया में 1,04,000 कर्मचारी है. कंपनी से कर्मचारियों का प्रोसेस 3 साल में पूरा करने की योजना है. वोडाफोन का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी की कमाई में 1.3 फीसदी यानी 14.7 बिलियन यूरो पर र​​ह गई है. जो मूल रूप से 15-15.5 बिलियन से कम है. कंपनी ने कहा कि कमाई में गिरावट हाई एनर्जी कॉस्ट और जर्मनी में कमर्शियल अंडरपरफॉर्मेंस के कारण हुई. कंपनी ने कहा कि अगले साल इनकम में और गिरावट आने की उम्मीद है, जो 13.3 बिलियन यूरो पर आ सकती है. वोडाफोन भारत में आइडिया के साथ मिलकर काम कर रही है. कंपनी नुकसान में है. वैसे बिड़ला ग्रुप ने दोबारा से इस ज्वाइंट वेंचर को दोबारा से मजबूत करने का भरोसा दिया है, लेकिन कर्ज के बोझ में दबी वोडाफोन आइडिया की राह आसान नहीं है. वोडाफोन ने जो फैसला लिया है उसका असर भारत में भी देखने को मिल सकता है और छंटनी देखने को मिल सकती है. इस पर फैसला बिड़ला ग्रुप की सहमति के बाद ही लिया जा सकता है. वोडाफोन ने बड़ी छंटनी का ऐलान किया है. वैसे कंपनी का शेयर फ्लैट दिखाई दे रहा है. यूके बेस्ड कंपनी का शेया 15 मई को 90.16 जीबीएक्स पर बंद हुआ है. जीबीएक्स एक पाउंड का सौंवा हिस्सा है. वहीं भारत में वोडाफोन आइडिया के शेयर में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है और कंपनी का शेयर 7.21 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।