अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी सौतेली बेटी से बलात्कार के जुर्म में सुनाई मौत की सजा

गुजरात :  गुजरात के खेड़ा जिले की एक अदालत ने  एक व्यक्ति को अपनी सौतेली बेटी के साथ बार-बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के लिए मौत की सजा सुनाई । नाडियाद शहर में विशेष पोक्सो न्यायाधीश पी.पी. पुरोहित ने उस व्यक्ति को मुआवजे के रूप में पीड़िता को दो लाख रुपये भी देने का आदेश दिया। भारतीय दंड संहिता के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण  अधिनियम के तहत पिछले साल मार्च में उस व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने पांच महीने से अधिक समय तक 11 साल आठ महीने की लड़की के साथ बार-बार बलात्कार किया और उसे यौन उत्पीड़न के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी। किशोरी के गर्भवती होने के बाद ही वारदात का खुलासा हुआ। लोक अभियोजक गोपाल ठाकोर ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने अपराध साबित करने के लिए अदालत के समक्ष सबूत के तौर पर 12 गवाह और 44 दस्तावेज पेश किए। ठाकोर ने कहा कि साक्ष्य और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने व्यक्ति को समाज में एक मिसाल कायम करने और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए मौत की सजा सुनाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।