वित्तीय वर्ष में सभी विभागों द्वारा शत प्रतिशत धनराशि व्यय करनी नितांत आवश्यक -जिलाधिकारी चम्पावत

चम्पावत – जिला अधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी द्वारा बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला, राज्य, केन्द्र एवं वाह्य सहायतित योजना एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी विभागों से आए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष में सभी विभागों द्वारा शत प्रतिशत धनराशि व्यय करनी नितांत आवश्यक है कोई भी विभाग धनराशि को समर्पित नहीं करेगा। सभी विभाग तेजी से कार्य कर धनराशि व्यय करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने जिला राज्य एवं केन्द्रीय योजनाओं में विभागों को आवंटित धनराशि के सापेक्ष संचालित विकास कायों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शत प्रतिशत धनराशि व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जिन विभागों द्वारा वर्तमान में लक्ष्य के सापेक्ष कम धनराशि व्यय की गई है उन्हें निर्देश दिए कि वह विशेष प्रयास कर व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए शत प्रतिशत धनराशि व्यव करें। साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजनान्तर्गत शासन से तृतीय अंतिम किश्त की धनराशि प्राप्त हो गई है विभाग शीघ्रता से धनराशि की मांग प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का लाभ सही रूप से जनता को मिल सके इसकी पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की है कि आवंटित धनराशि का पूर्ण सदुपयोग जनता के हित में हो।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं विभाग में संचालित निर्माण कार्यों के फोटोग्राफ जी आई एस सेल में अवश्य अपलोड करें साथ ही जो भी नवाचार कार्य किए जा रहे हैं उनकी सक्सेस स्टोरी भी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिकीर्ती तिवारी ने अवगत कराया कि जिले में *जिला योजना अंतर्गत 74.71 प्रतिशत राज्य योजनान्तर्गत 75.43 तथा केंद्रीय योजना अंतर्गत 94.14 प्रतिशत धनराशी विभागों द्वारा व्यय कर ली गई है*
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान *कुल 33 मदों में से वर्तमान तक 26 विभाग ए श्रेणी में 4 बी में तथा 3 सी श्रेणी में हैं*,जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई,मातृत्व शिशु बन्दना महिला समूहों हेतु बैंक लिंक योजना संबंधित मदों में ए श्रेणी लाए जाने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जिले के विकास हेतु महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि जिन भी विभागों के द्वारा शासन स्तर पर ऐसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजे गए हैं,वह शासन स्तर से उनकी स्वीकृति हेतु लगातार प्रयास कर उनकी ओर से अनुस्मारक पत्र भी भेजें।
जिलाधिकारी ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि जिले में जितनी भी सड़कों में स्थानीय कास्तकारों की भूमि का मुआवजा दिया जाना है उसकी भी त्वरित कार्यवाही की जाय।
जिले में जिन अधूरे निर्माण कार्यों को पूर्ण करने हेतु अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता है तत्काल विभाग धनराशि की मांग करें।
जिले में उरेडा के तहत दी जाने वाली सोलर स्ट्रीट लाईट को उन गांवों व तोकों को प्राथमिकता दें जहॉं विद्युत की समस्या है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने हेतु अनटाइड फण्ड से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 10 लाख रुपये दिए गए हैं उसके बाद भी चिकित्सालयों में छोटे छोटे चिकित्सा उपकरणों की कमी सामने आ रही है उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को एक सप्ताह में चिकित्सालयों में आवश्यक चिकित्सा उपकरण क्रय करने के निर्देश देते हुए आगामी 15 दिन में उप चिकित्सालय लोहाघाट के ओटी को पूर्णतया संचालित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ आर सी काण्डपाल, सीडीओ आर एस रावत सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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