मंगलदेव ध्यानी जीवन भर जड़ी बूटी व भाबर में गंगा नहर लाने के लिए संघर्ष करते रहे – मीना बछुवान

कोटद्वार| {सिमलचौड} – आर्य गिरधारी लाल महर्षि दयानंद ट्रस्ट (पंजीकृत) कोटद्वार के तत्वाधान में उत्तराखंड रत्न कर्मबीर जयानन्द ” भारतीय ” पुस्तकालय सिमलचौड़ में हुई जिसमें ट्रस्ट के संस्थापकगणों स्वर्गीय डॉ. मंगलदेव ध्यानी की 9 वीं पुण्यतिथि व मायाराम देवरानी की स्मृति में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया । सभा की अध्यक्षता प्रोफेसर नन्दकिशोर ढोण्डियाल ‘अरुण’ ने व संचालन ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेन्द्र लाल आर्य ‘ सर्वोदयी पुरूष’ ने किया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. नन्दकिशोर ढोण्डियाल, मुख्य अतिथि श्रीमती मीना बछुवान, विशिष्ट अतिथि श्री आशुतोष वर्मा आदि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया । इस अवसर पर सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु श्रीमती कौशल्या जखमोला को *डॉ. मंगलदेव स्मृति सम्मान – 2023* से सम्माननित किया गया जबकि आर्य समाज उदयरामपुर के प्रधान श्री मोहन सिंह भारती को समाज सेवा हेतु *मायाराम देवरानी स्मृति सम्मान* से नवाजा गया, सम्मान स्वरूप पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र भेंट किये गए । इस अवसर पर डीएफओ धीरजधर बछुवान (से.नि.) को बीज वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए *बीज पुरुष* से अलंकृत किया गया ।
मुख्य अतिथि श्रीमती मीना बछुवान ने कहा कि डॉ. मंगलदेव ध्यानी जीवन भर जड़ी बूटी व भाबर में गंगा नहर लाने के लिए संघर्ष करते रहे, विशिष्ट अतिथि श्री आशुतोष वर्मा ने कहा कि स्वर्गीय मायाराम देवरानी (से.नि. अध्यापक) सदैव जनसरोकारों से जुड़े रहे व समतामूलक समाज के प्रबल समर्थक थे उनके दरवाजे वंचित, शोषित, उपेक्षित समाज के लिए हर समय खुले रहते थे ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये प्रो. नन्दकिशोर ढोण्डियाल ‘अरुण’ ने कहा कि ध्यानी जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे, समाज के हित में वे हमेशा सक्रिय रहते थे, शिक्षा के विस्तार के लिए वे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की मदद करते थे ।स्वर्गीय मायाराम देवरानी ने अपने कार्यों, सरलता , सादगी व सहजता के बल पर लोगों के दिलों में जगह बनायी थी ।
सभा को श्री अनिल ध्यानी, वरिष्ठ नागरिक संगठन के अध्यक्ष कै.पी एल खंतवाल, समाजसेवी श्री सत्यप्रकाश थपलियाल, शैलशिल्पी विकास संगठन के अध्यक्ष श्री विकास आर्य, डॉ. बीना वशिष्ठ, श्री डीएफओ धीरजधर बछूवांन, प्रवेश नवानी .मनोज जुयाल ,डॉ. ललन बुडाकोटी, बीना देवरानी आदि ने सम्बोधित किया ।
सभा में गिरीश जखमोला, सतेंद्र खेतवाल, मोहन सिंह भारतीय, शूरबीर खेतवाल, हर्षकुमार, आशुतोष वर्मा ,सुरेंद्र कुमार, केसी निराला, मनवर लाल भारती आदि मौजूद रहे|

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