जोशीमठ भू-धंसाव मामले पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कल करेंगें उत्तराखंड का दौरा

देहरादून  :  जोशीमठ भू-धंसाव  पर सीएम धामी से बात करने के बाद पीएमओ में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई. इस हाईलेवल मीटिंग में पीएमओ के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कल उत्तराखंड का दौरा करेंगे और जोशीमठ की स्थिति का आकलन करेंगे.

उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने  और घरों में दरारें पड़ने की घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक  हुई. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ पीके मिश्रा ने यह बैठक बुलाई थी. जिसमें कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, गृह सचिव, केन्द्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्यों के साथ इस मामले के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया.

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव उत्तराखंड ने जोशीमठ से प्रधानमंत्री कार्यालय को जानकारी दी. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा को समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि भारत सरकार की एजेंसियां और विशेषज्ञ लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजना तैयार करने में राज्य सरकार की सहायता कर रहे हैं. एनडीआरएफ की एक टीम और एसडीआरएफ की चार टीमें पहले ही जोशीमठ पहुंच चुकी हैं.  उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमा प्रबंधन के सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कल उत्तराखंड का दौरा करेंगे और जोशीमठ की स्थिति का आकलन करेंगे. इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के विशेषज्ञों की टीम, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान और केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान घटनाक्रम का अध्ययन करने और अध्ययन की सिफारिशें सरकार को देंगे.  जोशीमठ की जमीन में दरारें बढ़ती जा रही हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव रंजीत सिन्हा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने स्थिति का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को भेज दी है. जोशीमठ के 25 फीसदी इलाके इस भू धंसाव से प्रभावित बताए जा रहे हैं. इसके साथ ही मुख्य सचिव डॉ. सुखवीर सिंह संधू, डीजीपी पुलिस अशोक कुमार और मुख्यमंत्री के सचिव आरके मीनाक्षी सुंदरम ने भी जोशीमठ का दौरा किया. सभी ने भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा तत्काल स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसके लिए स्थानीय प्रशासन लगातार काम कर रहा है. उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में कोई जोखिम न लें. जितनी जल्दी हो सके वहां शिफ्ट हो जाएं.

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