18 दिसंबर को होने वाली पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए पुलिस, प्रशासन और आयोग ने बनाई विशेष रणनीति बनाई

उत्तराखंड में 18 दिसंबर को पुलिस कांस्टेबल की भर्ती होनी है इसके लिए पुलिस, प्रशासन और आयोग ने विशेष रणनीति बनाई है। सभी जिलों में नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। हर संदिग्ध के साथ ही कोचिंग सेंटरों पर भी निगाह रखी जा रही है।

पुलिस कांस्टेबल के 1521 पदों पर भर्ती की परीक्षा पहले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) को करानी थी। इस बीच वहां कई भर्तियों के पेपर लीक हो गए। सरकार ने इस भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को सौंप दी। आयोग अपनी सबसे अधिक उम्मीदवारों वाली पीसीएस परीक्षा की तरह पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा कराएगा। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू के निर्देशों पर इस परीक्षा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। परीक्षा के सफल आयोजन को संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है।

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए हर जिले के जिलाधिकारी को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वह पुलिस कप्तान के साथ मिलकर परीक्षा की व्यवस्थाएं देखेंगे। इसके लिए हर जिले में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी की जा रही है।

यूकेएसएसएससी की पूर्व की परीक्षाओं में पेपर लीक में कोचिंग सेंटरों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। लिहाजा, राज्य लोक सेवा आयोग की इस बड़ी भर्ती को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस सभी कोचिंग सेंटरों पर भी निगाह बनाए हुए है। कहीं भी संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के आदेश पुलिस मुख्यालय ने जारी किए हैं।

पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए 1,30,445 उम्मीदवारों को राज्य लोक सेवा आयोग ने एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 413 केंद्र बनाए गए हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा केंद्र ज्यादा हैं। पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा। पेपर को सुरक्षित कराना आयोग की प्राथमिकता है। –

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