हेड मास्टर ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को कैंची से काट बनाया डस्टर, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

झारखंड : पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला राजस्टेट बोर्ड मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सफक इकबाल ने क्लास लेने के दौरान ब्लैक बोर्ड साफ करने के लिए तिरंगे झंडे को फाड़ कर डस्टर बनाया और ब्लैक बोर्ड को साफ किया. इतना ही नहीं उसने तिरंगे झंडे से ही आपनी बैठने वाली कुर्सी को भी साफ किया. इस दौरान हेड मास्टर सफक इकबाल तिरंगे झंडे का अपमान कर रहा था उस दौरान बच्चे क्लास में मौजूद थे घर पहुंच कर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने अपने परिजनों और अन्य ग्रामीणों को पूरे घटना की जानकारी दी. तिरंगे झंडे की अपमान की खबर आग की तरह फैल गयी आक्रोशित ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों ने आरोपी हेड मास्टर को घेर कर उसके अलमीरा की तलाशी ली इस दौरान आधा फटा हुआ तिरंगा झंडा बरामद हुआ यह देख ग्रामीण भड़क गए और विरोध करने लगे. हेडमास्टर सफक इकबाल तिरंगे झंडे का अपमान कर रहा था उस दौरान बच्चे क्लास में मौजूद थे. तिरंगे झंडे की अपमान के विरोध में ग्रामीणों ने विद्यालय का घेराव कर हेड मास्टर सफक इकबाल को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए इसके बाद पुलिस ने आरोपी हेड मास्टर को हिरासत में ले लिया है. आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने उन्हें तत्काल पद से हटाते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के आरोपों पर स्कूल के प्रधानाध्यापक शफक इकबाल ने बेतुका तर्क देते हुए कहा कि कहा कि चूंकि झंडा पुराना था इसलिए उससे डस्टर बनवा दिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि गलती हो गई. ऐसा नहीं करना चाहिए था।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आरोपी शिक्षक के द्वारा पूर्व में भी बच्चों के बीच आपसी सद्भाव को खत्म करने की नियत से पहले स्कूल में जो सरस्वती पूजा का आयोजन होता था. इनके आने के बाद उस पर रोक लगा दी गयी है. इधर घटना को लेकर बीईईओ सुबोध कुमार राय ने बताया कि अध्यापक ने तिरंगे झंडे को काटकर अपराध किया है, तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधीक्षक को दी गई है, आगे की विभागीय कार्रवाई जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा की जाएगी. आरोपी प्रधानाध्यापक को अपना पक्ष लिखित में देने को कहा गया है. ग्रामीणों द्वारा घाटशिला थाने में आरोपी हेड मास्टर के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।