ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट

देश | देश के कई हिस्सों में ठंड बढ़ने का सिलसिला जारी है. उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में गिरावट आने के बाद कंपकंपी बढ़ने लगी है. मौसम विभाग  के मुताबिक अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत  के हिस्सों में पारा और नीचे आएगा. कई जगहों पर कोहरे का असर दिखने लगा है. उधर, दक्षिण भारत के राज्यों में अभी बारिश  से राहत नहीं है.

पहाड़ी प्रदेशों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड  जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है.

दिल्ली-एनसीआर में भी ठंड का मौसम अपना असर दिखाने लगा है. शुक्रवार को (9 दिसंबर) को दिल्ली में सुबह के वक्त हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है. दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा. दिल्ली में गिरते पारा के साथ ही प्रदूषण बढ़ने का खतरा बना हुआ है. दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक वायु गुणवत्ता सूचकांक  दर्ज किया गया. दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों में तापमान और गिरने की संभावना है.

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है. पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ी है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की वजह से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव की संभावना है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण 9 और 10 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की आशंका है. इसका असर शीतलहर के रूप में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में देखने को मिल सकता है.

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरे छाने की संभावना है. देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के चूरू में तापमान में गिरावट आई है. गुरुवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है. तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में 9 दिसंबर और 10 दिसंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के अलग-अलग इलाकों में भी बादलों के जमकर बरसने की आशंका है. मौसम विभाग तेज रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की आशंका जताई है और मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की है.

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