मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को युद्धस्तर पर सम्पादित करने के जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश

देहरादून | जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती सोनिका ने एनआईसी सभागार कलेक्ट्रेट परिसर से जनपद में मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण एंव वोटर आधार लिंक कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए समस्त रिटर्निंग अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मतदाता सूची संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यों को युद्धस्तर पर सम्पादित करने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त उप जिलाधिकारियों/रिटर्निंग अधिकारियों केा इस कार्य की प्रतिदिन माॅनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विकासखण्ड स्तर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड अधिकारी एवं सीडीपीओ की टीम गठित कर कार्यों में प्रगति बढाने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूल, कालेजों में भी अभियान चलाकर नये मतदाताओं को जोड़ने तथा आधार लिंक कार्यो में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए वे प्रतिदिन सभी उप जिलाधिकारी कार्यालयों से सूचना प्र्राप्त करते हुए प्र्रगति से अवगत कराए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी स्कूलों में प्रधानाध्यापकों को इस कार्य में सहयोग करने हेतु पत्र प्रेषित करें साथ ही उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों में टीम भेजकर अभियान चलाते हुए नये वोटरों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ इस कार्यों प्रचार-प्रसार करने को निर्देशित किया ताकि अधिक-अधिक मतदाता जो मतदाता सूची में जुड़ने से वंचित है तथा जुड़ने योग्य हो रहे है वह इससे लाभान्वित हो सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान वर्चुअल माध्यम से जुड़ी रही तथा एनआईसी सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन डाॅ एस.के बरनवाल, उप जिलाधिकारी सदर नरेश चन्द्र दुर्गापाल, मसूरी शेलेन्द्र नेगी, डोईवाला युक्ता मिश्रा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पी.एस रावत उपस्थित रहे। उप जिलाधिकारी चकराता, विकासनगर, ऋषिकेश सहित सम्बन्धित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।