PM मोदी ने पटना से जाते-जाते तेजस्वी को दी ऐसी सलाह, मुस्कुराने लगे नेता प्रतिपक्ष

12 जुलाई का दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पटना में आगमन हुआ। बिहार विधानसभा शताब्दी समापन समारोह में उन्होने शिरकत की और इस दौरान पीएम ने शताब्दी स्मारक स्तंभ का उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने मंच से अपने भाषण में बिहार के लिए कई सारी बड़ी बातें कही। इस दौरान मंच पर उनके साथ नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव सरीखे नेता भी मौजूद थे। जिन्होंने भी अपने वक्तव्य सामने रखे। तेजस्वी यादव और नरेंद्र मोदी की एक मुलाकात और दोनों के बीच हुई एक बात की चर्चा खूब हो रही है।

बता दें कि मंच पर जब भाषण समाप्त हुआ और कार्यक्रम के समापन के पश्चात नरेंद्र मोदी ने तेजस्वी से अकेले में कुछ ऐसी सलाह दे दी है, जिसकी चर्चा सभी जगहों पर हो रही है। दरअसल, नरेंद्र मोदी ने तेजस्वी यादव से कहा कि थोड़ा वजन कम करो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब तेजस्वी यादव को वजन कम करने की सलाह दी तो यह सुनते ही वह मुस्कुराने लगे और उनके साथ ही चलते रहे। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने व्यायाम और स्वास्थ्य के बारे में भी चर्चा की। बिहार विधानसभा भवन की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मोदी और तेजस्वी के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, स्पीकर विजय कुमार सिन्हा समेत कई अन्य लोग मौजूद थे। यह पहला मौका है जब कोई प्रधानमंत्री बिहार विधानसभा परिसर में दाखिल हुआ। प्रधानमंत्री ने इस दिन एक संग्रहालय की आधारशिला भी रखी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने तेजस्वी के पिता और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। तेजस्वी ने कहा कि लालू खतरे से बाहर हैं और अब वो अपने दम पर कुर्सी पर बैठने में सक्षम हैं। 74 वर्षीय लालू को कंधे की चोट के कारण दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।