मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत सीमाद्वार नाला पुनर्निर्माण परियोजना की डीपीआर का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय परीक्षण

देहरादून, 08 जुलाई 2026

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र के शास्त्रीनगर-सीमाद्वार में एशियन पब्लिक स्कूल के पीछे स्थित क्षतिग्रस्त नाले के पुनर्निर्माण हेतु तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) के स्थलीय परीक्षण के लिए बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया।

 

उक्त नाला शास्त्रीनगर-सीमाद्वार क्षेत्र में अनुराग नर्सरी के समीप मोटर मार्ग से प्रारंभ होकर एशियन पब्लिक स्कूल के पीछे से होते हुए आईटीबीपी के पास स्थानीय नाले में मिलता है, जो आगे चन्द्रबनी के समीप आसन नदी में प्रवाहित होता है। जनसंख्या वृद्धि एवं तीव्र शहरीकरण के कारण बरसात के दौरान आसपास के क्षेत्रों की जल निकासी भी इसी नाले से होती है। वर्तमान में नाले का आकार अपर्याप्त होने के कारण जल निकासी सुचारु रूप से नहीं हो पाती, जिससे क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी रहती है।

 

मुख्यमंत्री द्वारा इस नाले के पुनर्निर्माण की घोषणा के उपरांत तैयार प्रस्ताव के अनुसार लगभग 2160 मीटर लंबाई में आरसीसी बैरल नाले का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। नाले की चौड़ाई 2.25 मीटर तथा गहराई 2.40 मीटर होगी। इसका डिजाइन डिस्चार्ज 20.08 क्यूमेक आंकलित किया गया है। परियोजना के अंतर्गत बैरल निर्माण के साथ दोनों ओर नालियों एवं यातायात संबंधी आवश्यक कार्य भी कराए जाएंगे।

 

निरीक्षण के दौरान समूचे जलग्रहण क्षेत्र, नाले की वर्तमान स्थिति, जलप्रवाह की दिशा, निकासी अवरोधों तथा आसपास की बस्तियों पर पड़ने वाले प्रभाव का अवलोकन किया गया।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से लगभग ₹14.25 करोड़ की लागत से तैयार इस परियोजना को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अंतिम रूप दिया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से प्राप्त सुझावों को भी डीपीआर में सम्मिलित किया जाएगा।

 

निरीक्षण के दौरान उसी क्षेत्र में सड़क कटिंग से संबंधित शिकायत भी सामने आई। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर निरीक्षण किए जाने पर पाया गया कि निर्धारित प्रक्रिया एवं सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना सड़क कटिंग का कार्य किया जा रहा था।

 

मानसून अवधि में लागू प्रतिबंधों के दृष्टिगत कार्य तत्काल बंद कराया गया तथा प्रयुक्त मशीन को सीज कर दिया गया। संबंधित सड़क को शीघ्र दुरुस्त करने, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत सुनिश्चित करने तथा नगर निगम के समन्वय से जनसुविधाओं की बहाली के निर्देश दिए गए।

 

जिलाधिकारी ने इस प्रकरण में उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने तथा उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर अपूर्वा सिंह, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह बोरा, अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम, वन विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।