*केंद्र सरकार का बड़ा कदम: ‘अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय बदलाव’ की जांच के लिए बनी उच्च-स्तरीय समिति, जस्टिस नावलेकर होंगे अध्यक्ष*

केंद्र सरकार ने “अवैध प्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों” से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बना दी है। इसकी घोषणा गृह मंत्री अमित शाह ने 2 सितंबर 2025 को X पर की।

*क्यों बनी समिति*
पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस भाषण में “हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन” का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि घुसपैठिये युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं और बेटियों-बहनों को निशाना बना रहे हैं। उसी घोषणा के तहत ये समिति बनी है।

*कमिटी में कौन-कौन है*
1. *अध्यक्ष*: जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर, सेवानिवृत्त न्यायाधीश
2. *सदस्य*: दुर्गा शंकर मिश्रा – पूर्व IAS, पूर्व जनगणना आयुक्त
3. *सदस्य*: बालाजी श्रीवास्तव – पूर्व IPS
4. *सदस्य*: डॉ. शमिका रवि – अर्थशास्त्री

*कमिटी क्या करेगी*
– अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का आकलन करेगी
– धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या बदलाव के पैटर्न का विश्लेषण करेगी
– समयबद्ध समाधान सुझाएगी

अमित शाह के मुताबिक ये मुद्दा संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ा है।

 

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