खड्डों की वजह से ” मौत ?  ठाणे जिला के शहापूर  का तगड़ा पुलिस जवान विकास गोरे डेढ़ फीटी मौत के खड्डे में गिरकर ख़त्म हुआ!”

 

महाराष्ट्र के नासिक के खड्डों की अंधेर-गर्दी पूरे महाराष्ट्र ने देखी। उसके बाद नासिक के पालक मंत्री गिरीश महाजन द्वारा “इसके आगे अगले 40 वर्षों तक खड्डे ही नहीं दिखेंगे” ऐसी घोषणा करने के बाद उस पर अस्थायी पर्दा तो पड़ गया।

परंतु उसी नासिक से कुछ दूरी पर स्थित नासिक-मुंबई ठाणे जिला महामार्गपर बसे शाहपुर तालुका के गोटेघर क्षेत्र में भारंगी नदी के पास के खड्डे यात्रा के दौरान जानलेवा साबित होने लगे हैं। इसी शाहपुर के गोटेघर भारंगी नदी पुल के पास के खड्डे की वजह से हुए हादसे में ठाणे अग्निशमन दल के टीडीआरएफ के तगड़े पुलिस जवान विकास लहू गोरे (आयु 31 वर्ष) की मृत्यु मौत के डेढ़ फीटी खड्डे में उनकी दमदार दोपहिया गाड़ी बुलेट के घुसने और दुर्घटना होने से हो गई। यह दुर्घटना इतनी भयानक थी कि बुलेट जैसी दोपहिया गाड़ी के दोनों टायर फट गए।

 

मुंबई से नाशिक महामार्ग की अक्षरशः छलनी होने के बाद भी प्रशासन का बिल्कुल भी ध्यान न होने का ही नजारा दिखाई दे रहा है।

विकास गोरे की मृत्यु से एक हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। विकास गोरे की मृत्यु के बाद परिजनों का आक्रोश देखने को मिल रहा है। विकास हो रहा है परिवार में रास्ते की मरम्मत वाले ठेकेदारों पर अपराध दर्ज करने की माँग की है । पर पुलिस ने ठेकेदारों पर मामला दर्ज करने के बजाय गोरे परिवार को ही खरी-खोटी सुनाई, ऐसा आरोप विकास के परिवार की ओर से लगाया गया है। इसके विपरीत, “क्या तुम्हारे बेटे को खड्डा नहीं दिखाई नही दिया

था क्या ? “

ऐसा पुलिस द्वारा सुनाई दिये जाने का गंभीर आरोप विकास गोरे के रिश्तेदारों ने लगाया है।

इसके साथ ही, मृत जवान पर ही मामला दर्ज करने की भाषा शाहपुर पुलिस ने इस्तेमाल की है, ऐसा भी परिवार का आरोप है।

परंतु शहापूर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर . विलास कदम ने गोरे परिवार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) की नोंद कर ली है और आगे की जांच शुरू है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर, ठाणे महानगरपालिका की आपदा प्रतिसाद टीम यानी TDRF के जवान. विकास लहू गोरे नागरिकों के विभिन्न संकट के समय हमेशा सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए कार्य करते नजर आते थे , हाल ही में ठाणे जिले की भिवंडी इमारत दुर्घटना में उन्होंने कई लोगों के प्राण बचाए थे, लेकिन शहापूर महामार्ग की उस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में उनकी जान चले जाने से उनके परिवार सहित पूरा ठाणे जिला और शहापूर सहम गया है और इस दुर्घटना का अपने-अपने तरीके से निषेध व्यक्त कर रहा है।

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