स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में 250 से अधिक लोगों ने कराया निःशुल्क दंत परीक्षण

 

स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, स्पर्श हिमालयीय चिकित्सालय वं सीमा डेंटल कॉलेज एवं हिमालयीय हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर निःशुल्क दंत चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दांतों की सफाई, कैंसर की जांच, दांत निकलना जैसी सुविधाएं उपलब्ध थी। जिसमें लगभग 250 से अधिक लोगों ने अपने दांतों की जांच कराई और विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
सीमा डेंटल कॉलेज के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वैष्णवी प्रसाद ने बताया कि दांतों का नियमित परीक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन आमजन अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। माजरी ग्रांट क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सभाओं से आए ग्रामीणों ने इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ उठाया। शिविर का उद्घाटन स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. आर.सी. सुंदरियाल ने किया। उन्होंने कहा कि दांतों में होने वाले दर्द और समस्याओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
कार्यक्रम की संयोजक दंत चिकित्सक डॉ. उर्वशी ने कहा कि पायरिया, डेंटल कैरीज़ (कीड़ा लगना) जैसी समस्याएं अक्सर खराब मौखिक स्वच्छता या मुंह के संक्रमण से जुड़ी होती हैं। समय पर इलाज न कराने से ये बढ़ सकती हैं और मुख कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए नियमित डेंटल चेक-अप कराना जरूरी है और तंबाकू से पूरी तरह बचना चाहिए। संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में समय-समय पर संस्था निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करती है, जिसमें आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ ही आधुनिक चिकित्सा के माध्यम से भी आम जनमानस का परीक्षण एवं उपचार किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि संस्था भारत सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के स्वस्थवृत्त विभाग द्वारा ओरल हेल्थ डे के उपलक्ष्य में तंबाकू मुक्त अभियान के ऊपर बीएएमएस के छात्र-छात्राओं द्वारा लघु नाटिका का भी मंचन कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया
इस अवसर पर सीमा डेंटल हॉस्पिटल से मिथिलेश कुमार, श्रुति शर्मा, शालू रंजन, दिव्या शर्मा, आयुष चंद्र सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, प्राचार्य डॉ नीरज श्रीवास्तव, डॉ निशांत राय जैन, नर्सिंग विभाग की प्राचार्य डॉ अंजना विलियम्स, डॉ श्रीमंत चौव्हाण एवं बीएनवाईएस विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय में 250 से अधिक लोगों ने कराया निःशुल्क दंत परीक्षण

स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय, स्पर्श हिमालयीय चिकित्सालय वं सीमा डेंटल कॉलेज एवं हिमालयीय हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर निःशुल्क दंत चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में दांतों की सफाई, कैंसर की जांच, दांत निकलना जैसी सुविधाएं उपलब्ध थी। जिसमें लगभग 250 से अधिक लोगों ने अपने दांतों की जांच कराई और विशेषज्ञों से परामर्श लिया।
सीमा डेंटल कॉलेज के पीरियोडोंटोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रसाद ने बताएंगे डॉ. वैष्णवी प्रसाद ने बताया कि दांतों का नियमित परीक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन आमजन अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। माजरी ग्रांट क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सभाओं से आए ग्रामीणों ने इस निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ उठाया। शिविर का उद्घाटन स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. आर.सी. सुंदरियाल ने रिबन काटकर किया। उन्होंने कहा कि दांतों में होने वाले दर्द और समस्याओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
कार्यक्रम की संयोजक दंत चिकित्सक डॉ. उर्वशी ने कहा कि पायरिया, डेंटल कैरीज़ (कीड़ा लगना) जैसी समस्याएं अक्सर खराब मौखिक स्वच्छता या मुंह के संक्रमण से जुड़ी होती हैं। समय पर इलाज न कराने से ये बढ़ सकती हैं और मुख कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए नियमित डेंटल चेक-अप कराना जरूरी है और तंबाकू से पूरी तरह बचना चाहिए। संस्था के सचिव बालकृष्ण चमोली ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में समय-समय पर संस्था निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिसमें आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ ही आधुनिक चिकित्सा के माध्यम से भी आम जनमानस का परीक्षण एवं उपचार किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि संस्था भारत सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के स्वस्थवृत्त विभाग द्वारा ओरल हेल्थ डे के उपलक्ष्य में तंबाकू मुक्त अभियान के ऊपर बीएएमएस के छात्र-छात्राओं द्वारा लघु नाटिका का भी मंचन कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया
इस अवसर पर सीमा डेंटल हॉस्पिटल से मिथिलेश कुमार, श्रुति शर्मा, शालू रंजन, दिव्या शर्मा, आयुष चंद्र सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव अरविंद अरोड़ा, प्राचार्य डॉ नीरज श्रीवास्तव, डॉ निशांत राय जैन, नर्सिंग विभाग की प्राचार्य डॉ अंजना विलियम्स, डॉ श्रीमंत चौव्हाण एवं बीएनवाईएस विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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