पाकिस्तान में हुआ क्रिकेटर का बकरा चोरी वहीं भारत में चोरों ने लूट ली बकरों से भरी वैन, ईद पर बढ़ी बकरा चोरी की वारदातें

नई दिल्ली। पाकिस्तान के विकेटकीपर और बल्लेबाज कामरान अकमल के परिवार को तब बड़ा झटका लगा जब उन्हें पता चला कि ईद-उल-अजहा के मौके पर कुर्बानी के लिए उनके द्वारा खरीदा गया बकरा त्योहार से एक दिन पहले चोरी हो गया था। ईद-उल-अज़हा दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है और इस दिन वे एक जानवर की बलि देते हैं, चाहे वह बकरी, भेड़, गाय या ऊंट हो। यह हज़रत इब्राहिम की सुन्नत करने का उनका तरीका है। यह 10 जुलाई रविवार को मनाया जाएगा लेकिन त्योहार से तीन दिन पहले अकमल का एक लाख का बकरा चोरी हो गया है।

कामरान अकमल के पिता ने इसे ध्यान में रखते हुए छह बकरियां पहले ही खरीद ली थीं। लेकिन उनमें से एक 7 जुलाई (गुरुवार) की रात चोरी हो गई। अब चोरों की तलाश की जा रही है क्योंकि निजी हाउसिंग सोसाइटी, जहां परिवार रहता है, के सुरक्षा विभाग को बकरी चोरी की बात बताई गई है। जहां एक तरफ कामरान अकमल का पाकिस्तान में बकरा चोरी हुआ वहीं दूसरी तरफ भी पाकिस्तान जैसी एक वारदात भारत के प्रयागराज में भी हुई।

जिले के गंगापार थरवई थाना क्षेत्र में सोरांव बाईपास के पास शुक्रवार को तड़के बकरों से लदे पिकअप वैन को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने असलहे के दम पर कथित रूप से लूट लिया। थरवई पुलिस थाना के एक अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद इमरान इस पिकअप वैन को फतेहपुर से वाराणसी ले जा रहा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तड़के मोटरसाइकिल पर सवार बदमाशों ने असलहे के बल पर वैन को लूट लिया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इमरान की तहरीर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 392 और 506 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पिकअप वैन में लगभग 40 बकरे लदे थे। उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि बकरीद निकट होने से बकरों के ऊंचे दाम मिलने के लालच में इस लूट की घटना को अंजाम दिया गया।

बकरी ईद के त्योहार के दिन नजदीक आने के साथ मांग बढ़ने के साथ मुस्लिम परिवार बाजार में जाकर एक सप्ताह पहले बलि के जानवरों को खरीदने की कोशिश करते हैं। आपको बता दें कि ईद अल-अधा का पवित्र त्योहार, जिसे ‘बलिदान का त्योहार’ या ग्रेटर ईद के रूप में भी जाना जाता है, इस्लामिक या चंद्र कैलेंडर के 12वें महीने धू अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। ईद कुर्बान या कुर्बान बयारामी के रूप में भी जाना जाता है, यह वार्षिक हज यात्रा के अंत का प्रतीक है। इस साल यह भारत में 9 और 10 जुलाई को मनाया जाएगा। कुछ लोग इसे बकरा ईद या बकरीद भी कहते हैं।

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