राजजात मानचित्र पर कुरुड़ व देवराला को अंकित करने को लेकर महाराज से मिला प्रतिनिधिमंडल

देहरादून। मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात-2026 आयोजन समिति का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज से उनके निजी आवास पर मिला।

मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात-2026 आयोजन समिति का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को अपनी समस्याओं को लेकर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोकनिर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम, मंत्री सतपाल महाराज से उनके सर्कुलर रोड स्थित निजी आवास पर मिला। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें बताया कि शासन द्वारा श्री नंदादेवी राजजात यात्रा-2026 का आयोजन सुनिश्चित किया गया है जिसमें राजा के प्रतिनिधि कांस्वा के कुंवर लोग इस परंपरा के तहत अपनी कुल देवी श्री नंदादेवी सिद्धपीठ कुरुड़ की डोली में पूजा और मनौती भेंट करने के लिए नौटी से चलकर नंदकेसरी में अपनी पूजा और मनौती भेंट करते हैं और कुरुड़ के गौड, ब्राह्मण बधाण के पुजारियों के हाथों से पूजा अर्चना होती है जो की एक पौराणिक परंपरा है। प्रतिवर्ष नंदादेवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ से छोटी जात (लोकजात) व 12 वर्ष बाद बड़ी जात (राजजात) का आयोजन होता है।

प्रतिनिधि मंडल ने धर्मस्व मंत्री श्री महाराज को अवगत करवाया कि हिमालयी महाकुंभ की तर्ज पर आयोजित इस राजजात में राजा की कुलदेवी सिद्धपीठ कुरुड़ व देवराला को मुख्य पड़ाव व राजजात के मानचित्र पर अंकित नहीं किया गया है। इसलिए इन पड़ावों को भी राजजात यात्रा मानचित्र में शामिल किया जाये। श्री महाराज प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले का परीक्षण करवाने के बाद इसका समाधान करने का प्रयास किया जायेगा।

प्रतिनिधि मंडल में “मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्ध पीठ कुरुड़ मंदिर विकासखंड नंदानगर बड़ी नंदाजात 2026 आयोजन समिति” के धनीराम गौड़, प्रकाश चंद गौड़, जनार्दन प्रसाद गौड़, राकेश चंद्र गौड़, अशोक प्रसाद गौड़, विपुल मैंदोली, जगत सिंह नेगी, रघुनाथ फरस्वाण, सुनील कोठियाल, मनीष नेगी, दीपक पंत, गंभीर रावत और विजेंद्र रावत शामिल थे।

 

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