उत्तराखंड को मिली पहली योग नीति, धामी कैबिनेट ने किए अहम फैसले

उत्तराखंड में योग और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य की पहली योग नीति को मंजूरी दी गई। यह नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

योगा हब का होगा विकास

कैबिनेट ने टिहरी झील, जागेश्वर, व्यास घाट आदि स्थानों को योगा हब के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी है। सरकार ने इन क्षेत्रों को योग केंद्रों के लिए प्राथमिकता पर विकसित करने का निर्णय लिया है।

योग संस्थानों को मिलेगी सहायता

योग के क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 10 लाख रुपये तक का अनुदान देगी। इसके अलावा, योग संस्थानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए नीति बनाई जाएगी। ऑनलाइन योग प्लेटफार्म विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत

उत्तराखंड सरकार ने गोल्डन कार्ड योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह कदम राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

स्थानीय विकास को मिलेगी प्राथमिकता

कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्थानीय ठेकेदारों को 10 करोड़ रुपये तक के ठेके दिए जाएंगे, और स्थानीय समूहों को पांच लाख रुपये तक के कार्य का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा

उत्तराखंड सरकार ने निर्णय लिया कि मैदानी क्षेत्रों में निवेश करने वालों को कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों का संतुलित विकास किया जा सकेगा।

मरीजों और तीमारदारों के लिए राहत

राज्य सरकार ने देहरादून और मेडिकल कॉलेजों के पास रैन बसेरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इससे इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों को सस्ती दरों पर ठहरने की सुविधा मिलेगी।

इन फैसलों से उत्तराखंड में योग पर्यटन, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय व्यवसायों के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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