योग सनातन है, पहले भी था और आज भी है और हमेशा रहेगा: पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड , ऋषिकेश :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग हमारी प्राचीन विधा है, जिसने उत्तराखंड के लोगों को देश ही नहीं अपितु विदेश में नई पहचान दी है। जोकि हमारी संस्कृति से भी जुड़ा है, जिसे बढ़ाए जाने में जहां हमारे ऋषियों का योगदान है और प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री धामी यहां मुनी की रेती में पर्यटन विभाग के सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योग सनातन है, पहले भी था और आज भी है और हमेशा रहेगा। धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया में योग को ले जाने का काम किया और भारत की ऐसी प्राचीन विधाएं सभी के लिए उपयुक्त हैं। इसलिए आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है। धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि ही नहीं बल्कि योग और वेलनेस का भी उत्कृष्ट केंद्र है। सरकार का भी प्रयास है कि प्रदेश में ऐसे अनेक योग व वेलनेस केंद्रों का विकास हो। धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के उत्कृष्ट कार्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य में जी20 सम्मेलन कराने का निर्णय लिया है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग नगरी ऋषिकेश की ख्याति अब पूरी दुनिया में फैल चुकी है। यहां का जो वातावरण है वो योग का वातावरण है। उन्होंने कहा कि आज योग का प्रचार भारत की सीमाओं को लांघता हुआ पूरी दुनिया में फैल चुका है। चीन का मार्शल आर्ट भारत के योग से ही प्रभावित है।

7 मार्च 2023 तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में योग की जहां बारीकियों को सीखने का मौका मिलेगा, वहीं मन की शांति और स्वस्थ शरीर का अनोखा अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, वन मंत्री सुबोध उनियाल, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, पदमश्री शिवानंद जी, पद्मश्री रजनीकांत , ऋषिकेश की महापौर अनीता ममगांईं, नगर पालिका अध्यक्ष मुनि की रेती रोशन रतूड़ी आदि गणमान्य अतिथि मौजूद थे।

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