सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ वेद प्रकाश यादव का सच

जयपुर 21 मई 2023. : जयपुर में सचिवालय स्थित योजना भवन  की सरकारी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए और एक किलो सोना मिलने के मामले में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DOIT) के सिस्टम एनालिस्ट जॉइंट डायरेक्टर वेद प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद ने बताया कि पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज  में वेद प्रकाश यादव अलमारी खोलकर बैग रखते व निकालते नजर आया है।

वेद प्रकाश यादव (Ved Prakash Yadav) के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एसीबी (ACB) ने आज घूसखोर अफसर को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, यादव को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले जयपुर कमिश्नरेट पुलिस (Jaipur Commissionerate Police) ने यादव को शनिवार दोपहर हिरासत में ले लिया था और मामला करप्शन का होने के चलते एसीबी (ACB) को सौंप दिया था। कमिश्नरेट की एक टीम ने कल देर रात एसीबी मुख्यालय पहुंच कर रिश्वत के 2 करोड़ 31 लाख रुपए की जानकारी एसीबी (ACB) के अधिकारियों को दी।

इस दौरान एक सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) भी दिया गया। इस फुटेज में वेद प्रकाश यादव 8 मई 2023 को अलमारी में पैसों से भरा बैग छुपाते हुए दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी (CCTV) में साफ दिखाई दे रहा है कि ड्यूटी ओवर होने के बाद वेद प्रकाश कंधे पर लैपटॉप का बैग लेकर बेसमेंट में गया।

अलमारी का ताला खोलकर बैग रखा। फिर वहां से निकल गया। यह वही अलमारी है, जिससे पुलिस को 2.31 करोड़ रुपए और एक किलो सोना मिला। खास बात यह है कि सीसीटीवी (CCTV) की खरीद में किए भ्रष्टाचार की ये रकम सीसीटीवी (CCTV) में ही कैद हो गई।

वेद प्रकाश यादव (Ved Prakash Yadav) की अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए नकदी और एक किलो सोने की सिल्ली रिश्वत की निकली है। यह रिश्वत आरोपी ने सीसीटीवी कैमरे खरीदने में ली थी। पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव (Police Commissioner Anand Srivastava) ने बताया कि वेद प्रकाश यादव (Ved Prakash Yadav) को हिरासत में लिया। इसके बाद पूछताछ हुई तो मामला साफ हो गया। पुलिस को वेदप्रकाश तक पहुंचने में करीब 30 दिन से अधिक के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) देखने पड़े। वहीं, पुलिस की एक टीम ने इस विभाग के 50 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ की।

सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) के बाद खुलासा हुआ था कि जिस अलमारी में नकदी मिली, उसे वेद प्रकाश ऑपरेट करता था।वेद प्रकाश से पूछताछ की गई तो उसने कबूला कि यह रकम उसने अलग-अलग लोगों से रिश्वत के रूप में ली है। इन्हें घर ले जाने के बजाय यहां इकट्ठा करता था। आरोपी ने जब अपराध स्वीकार किया तो पुलिस ने उसके अंबाबाड़ी स्थित आवास पर सर्च किया जहां से उन्हें कई दस्तावेज मिले। आरोपी इस पोस्ट पर कई सालों से बैठा हुआ था।

वेद प्रकाश 1994 में प्रोग्रामर के पद पर भर्ती हुआ था। वह पिछले 20 साल से डीओआईटी (DOIT) का स्टोर इंचार्ज था। वर्ष 2019-20 में जॉइंट डायरेक्टर बना। पदनाम बदला, लेकिन काम स्टोर इंचार्ज का देख रहा था। आरोपी डीओआईटी की कई विंग की कमेटी का मेंबर भी था।डीओआईटी सीसीटीवी कैमरे, कम्प्यूटर एलईडी आदि की खरीद करती है। इसलिए कई कम्पनी के साथ सम्पर्क रहता है। ये कम्पनियां अपना माल बेचने के लिए इन जैसे अधिकारियों को रिश्वत देती हैं। जानकारी में आया है कि इसी रिश्वत की राशि से वेद प्रकाश ने नोटबंदी के दौरान एक किलो सोने की सिल्ली खरीदी थी।

अब तक जयपुर कमिश्नरेट पुलिस (Jaipur Commissionerate Police) कागजी तौर पर सभी प्रकार के दस्तावेज एसीबी को दे चुकी है। इसमें सीज किए गए करोड़ों रुपए और 1 किलो गोल्ड शामिल है। कोर्ट के आदेश के बाद कमिश्नरेट के द्वारा सीज किया गया पूरा सामान एसीबी (ACB) के पास पहुंच जाएगा। एसीबी आरोपी के अन्य ठिकानों पर भी सर्च कर रही है। वहीं वेद प्रकाश के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है।

19 मई की रात जयपुर में सचिवालय के ठीक पीछे योजना भवन (Yojana Bhawan) के बेसमेंट की बंद पड़ी अलमारी से 2.31 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी और एक किलो सोना बरामद हुआ था। अलमारी में रखे ट्रॉली सूटकेस में 2000 और 500 के नोट थे। अलमारी से 2000 के 7,298 और 500 रुपए के 17,107 नोट मिले थे। सोने की सिल्ली पर मेड इन स्विट्जरलैंड लिखा था। सोने की कीमत करीब 62 लाख बताई जा रही है।

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