प्रत्येक चौराहे पर एक-एक होमगार्ड मुस्तैदी से भिक्षावृत्ति की गतिविधि पर रखेगें पैनी नजर

*जनपद में भिक्षावृत्ति की रोक हेतु, शहर के प्रमुख चौराहों पर रोस्टरवार तैनात किए गए होमगार्ड जवान।*

*भिक्षावृत्ति पर लगाम लगाना बेहद आवश्यक, निरंतर कार्रवाई करने के डीएम के हैं निर्देश*

*निंरतर रेस्क्यू अभियान हेतु जल्द ही आने वाली हैं डेडिकेटेड, पैट्रोलिंग वाहन।*

*देहरादून दिनांक 05 अक्टूबर 2024,* जिलाधिकारी सविन बंसल ने भिक्षावृति पर रोक हेतु शहर के प्रमुख 17 स्थानों/ चौक पर होमगार्ड के जवान तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके क्रम में शहर के प्रमुख चौराहों पर रोस्टरवार होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगा दी गई है।

*जनपद में भिक्षावृत्ति की रोक हेतु, शहर के प्रमुख चौराहों पर रोस्टरवार तैनात किए गए होमगार्ड जवान।*

डीएम के फरमान के बाद हरकत में दिख रहे हैं विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय करते हुए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। शहर के प्रमुख चौराहों दिलाराम चौक, बहल चौक, साई मंदिर राजपुर रोड, बल्लूपुर चौक ओएनजीसी चौक,प्रिंस चौक, तहसील चौक, रेलवे स्टेशन सहारनपुर चौक, रिस्पना पुल, विधानसभा तिराहा, कारगी चौक, आईएसबीटी, शिमला बायपास, निरंजनपुर मंडी एवं लालपुल पर तैनात किये गए हैं होमगार्ड जवान।

*भिक्षावृत्ति में सलिप्त बच्चों को इन्टेंसिव केयर सेन्टर में विधिवत् प्रवेश दिलाते हुए, अनुकूल माहौल में शिक्षा मुहैया कराए जाने की योजना।*

जिलाधिकारी द्वारा भिक्षावृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने हेतु श्रम विभाग, महिला कल्याण विभाग के अन्तर्गत जिला प्रोबेशन कार्यालय, पुलिस, बाल कल्याण समिति, एवं सरकार में पंजीकृत स्वंय सहायता समूह के द्वारा संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने हेतु डेडिकेटेड पेट्रोलिंग वाहन के माध्यम से 24 घंटे पैट्रोलिंग कर अभियान चलाकर भिक्षावृत्ति की साईकिलिंग को तोडे़गें। भिक्षावृत्ति में सलिप्त बच्चों को इन्टेंसिव केयर सेन्टर में विधिवत् प्रवेश दिलाते हुए, पाश्चात्य स्कूलों की भांति अनुकूल महौल में शिक्षा मुहैया कराई जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।