जिलाधिकारी ने उठाया स्कूलों को स्मार्ट बनाने का जिम्मा नैनीताल एवं अल्मोड़ा में जिलाधिकारी रहते कर चुके शिक्षा व्यवस्था में सुधार, अपने कार्यकाल में स्कूलों को बनाया स्मार्ट

*अब स्कूलों की स्थिति सुधारने की बारी, डीएम देहरादून ने उठाया बीड़ा*

*अल्मोड़ा नैनीताल में डीएम रहते जिले के सभी स्कूलों का किया रूपांतरण हेतु उठाये थे महत्वपूर्ण कदम*

*देहरादून में भी शिक्षा में सुधार के लिए शुरू की विभिन्न पहल कोई भी बच्चा स्कूलों में जमीन में बैठा न दिखाई दे, स्कूलों में चॉक वाला ब्लैकबोर्ड ना दिखे, प्रत्येक स्कूल में डिजिटल स्क्रीन की अनिवार्य, प्रत्येक कक्षा कक्ष में कम से कम 2 एलईडी बल्ब, नही होने दी जाएगी धन की कमीः जिलाधिकारी*

*स्कूलों में कम से कम एक आउटडोर स्पोर्ट्स सुविधा बनाने और खेल अवस्थापनाएं स्थापित करना जिलाधिकारी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक। मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए निर्देश।*

*प्रत्येक स्कूल में न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनियाँ होना अनिवार्य किया, शिक्षा विभाग को दिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश*

*बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए पठन-पाठन के साथ ही खेल गतिविधियां, कम से कम एक वॉलीबॉल-बास्केटबॉल सुविधा*

*सभी स्कूलों में लगेंगे वाईट बोर्ड, स्कूलों की कक्षाओं में वर्चुअल क्लास हेतु एलईडी स्क्रीन लगाने के दिए गए निर्देश।*

*स्कूलों के सौन्दर्यीकरण तथा कक्षाओं में ज्ञानवर्धक, बच्चों हेतु आकर्षक पेन्टिंग बनाने के निर्देश दिए।*

*कक्षा 01 से 05 तक के बच्चों के लिए झूले, स्लाइड, प्लेफुल इक्विपमेंट्स, तथा कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए स्कूलों में खेल अवस्थापना विकसित की जाएं नही होने दी जाएगी धन की कमी- जिलाधिकारी।*

*डीएम ने स्कूलों की कक्षाओं में मूलभूत सुविधा, सभी स्कूलों में हों पेयजल और शौचालय उपलब्ध*

*पानी की टंकियों की मरम्मत सफाई एवं मंकी नेट हेतु इंतजाम सुनिश्चित करें मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं सम्बन्धित खण्ड एवं उप शिक्षा अधिकारी।*

*समग्र शिक्षा अभियान के बजट की की गहन समीक्षा बजट की गैप फंडिंग की जिम्मेदारी स्वयं पर ली, उपलब्ध कराएंगे बजट*

देहरादून दिनांक 22 सितम्बर 2024, (जि.सू.का), ‘‘ बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए पठन-पाठन के साथ खेल गतिविधि भी हैं आवश्यक’’ स्कूलों में विकसित की जाएगी खेल अवस्थापनाएं’’ यह बात जिलाधिकारी सविन बंसल ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए कही। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों स्मार्ट बनाने की दिशा में योजना पर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देेशित किया स्कूलों में प्रत्येक स्कूल में फर्नीचर उपलब्ध कराया जाए कोई भी बच्चा जमीन पर न बैठें यह सुनिश्चित कर लिया जाए। सभी स्कूलों में लगाएं जाएंगे टीवी, सभी कक्षाओं में लगाएं जाएंगे वाईट बोर्ड, छोटे बच्चों के लिए लगेंगे झूले, स्लाईड, कक्षा होंगी स्मार्ट, स्कूलों का किया जाएगा सौन्दर्यीकरण, कक्षाओं में होगी आकर्षक पेंटिंग, सभी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए गए मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूलों के सुधारीकरण कार्यों में धन की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उन्हांेंने प्रत्येक स्कूल में न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, शब्दकोश और महापुरुषों की जीवनियाँ अनिवार्य रखे जाने के निर्देश दिए ताकि बच्चे व्यवसायिक शिक्षा के साथ-2 महापुरूषों की जीवनी से परिचित हो सके। जिलाधिकारी ने स्कूलों की कक्षाओं में मूलभूत सुविधा, लाईट, पानी, पेयजल, शौचालय उपलब्ध हों पानी की टंकियों की मरम्मत सफाई एवं सुरक्षा हेतु इंतजाम के साथ ही गुणवत्तायुक्त पोष्टिक भोजन सुनिश्चित करने हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं सम्बन्धित खण्ड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने स्कूल की अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव, पानी की टंकी की मरम्मत एवं सुरक्षा के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों केा दिए।
बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप रावत, उप शिक्षा अधिकारी नगर, खण्ड शिखा अधिकारी विकासनगर, विनिता कठैत, कालसी निशा, सहसपुर कुन्दन सिंह, उप शिक्षा अधिकारी डोईवाला धनवीर सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

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