नाबालिग के साथ जघन्य अपराध करने वाले सभी अपराधियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा, एसएसपी देहरादून को मामले में गंभीरता से कठोर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। आईएसबीटी देहरादून में एक मानसिक रूप से आंशिक विक्षिप्त 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी से बस में सामूहिक दुष्कर्म का मामला संज्ञान में आते ही उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुबह 6.30 बजे राजकीय बालिका निकेतन/ किशोरी गृह पहुंची। जहां उन्होंने एसएसपी देहरादून अजय सिंह व जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ पीड़िता किशोरी से मुलाकात कर उसका का हाल जाना।

आयोग अध्यक्ष ने पीड़िता से मुलाकात कर घटना की सम्पूर्ण जानकारी ली, प्रकरण की जानकारी के उपरांत महिला आयोग की अध्यक्ष के सम्मुख आज सुबह एसएसपी अजय सिंह के निर्देशन में पुलिस द्वारा चिन्हित सभी आरोपियों की पहचान पीड़िता से फोटो के माध्यम से कराई गई है।

घटना की जानकारी लेने के उपरांत उन्होंने एसएसपी देहरादून अजय सिंह को निर्देश दिए हैं कि मामले में गंभीरता से गहन जांच करते हुए सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें कोई भी आरोपी कोई भी साक्षी छूटना नहीं चाहिए।

जानकारी में पीड़िता के बयान के आधार पर पता चला है कि किशोरी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद क्षेत्र की निवासी है जो कि आंशिक रूप से मानसिक विक्षिप्त है। जिसके माता पिता नही है।

दिनाँक 13 अगस्त की रात आईएसबीटी में तैनात गार्ड की सूचना पर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC)की टीम ने बदहवास हालत में मिली किशोरी को मौके से रेस्क्यू किया। कमेटी द्वारा किशोरी की काउंसलिंग के बाद घटना का खुलासा हुआ जिस पर सीडब्ल्यूसी टीम ने कल शनिवार को आईएसबीटी चौकी पर मुकदमा दर्ज कराया है।

घटना में दो बस एक देहरादून से और एक ऋषिकेश से पुलिस ने अपने कब्जे में ली है। आज पीड़ित किशोरी के मजिस्ट्रियल बयान के बाद उसका मेडिकल कराया जाएगा साथ ही पीड़िता के बताए तथ्यों के आधार पर सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर जांच की जाएगी। साथ ही पीड़िता के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार उसके परिवार से सम्पर्क करने के प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पीड़िता को बालिका निकेतन में रखा गया है।

आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण व संवेदनशील प्रकरण में पुलिस व सीडब्ल्यूसी मुस्तैदी से शीघ्र कार्रवाई कर रही है। कोई भी आरोपी कानून से नही बच सकता है।

इस मौके पर बालिका निकेतन में एसएसपी अजय सिंह, सीओ प्रेमनगर रीना राठौर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बाल कल्याण समिति सदस्य – पूजा शर्मा, प्रीति थपलियल, प्रतिभा शर्मा, दिगम्बर सिंह चौहान उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।