जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को रिस्पांस टीमें बढाने के दिए निर्देश

देहरादून : जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने आज नगर निगम देहरादून में बनाए गए कन्ट्रोलरूम का औचक निरीक्षण किया।इस दौरान डीएम ने शिकायत पंजिका का अवलोकन करते हुए वर्षा के कारण नगर निगम क्षेत्र में प्राप्त जलभराव और अन्य शिकायतों के सम्बन्ध में जानकारी ली।

इस दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कराते हुए शिकायत की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि आज कन्ट्रोलरूम में विभिन्न माध्यमों से 45 शिकायत प्राप्त हुई, जिनमें 27 का निस्तारण कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने मुख्य नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि कन्ट्रोलरूम में प्राप्त शिकायतों की मॉनिटिरिंग के लिए एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए, जो शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटिरिंग करें।

उन्होंने कन्ट्रोलरूम में प्राप्त शिकायतों को कम्प्यूटरीकृत करने के निर्देश दिए ताकि शिकायतों को व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जाए, जिससे प्राप्त की शिकायतों एवं निस्तारण के सम्बन्ध में त्वरित जानकारी प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को रिस्पांस टीमें बढाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को पम्प बढाते हुए अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में पम्पों की संख्या बढाते हुए जल निकासी कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम ने बताया कि वर्षाकाल के दृष्टिगत नगर निगम देहरादून परिसर में स्थािपत किए गए आपदा कन्ट्रोलरूम में 24×7 कार्मिक तैनात रहते हैं जो प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित करते हैं।

कन्ट्रोलरूम का दूरभाष संख्या 0135-2652571, मोबाईल नम्बर 9084677355 है।

इससे पहले आज सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को हर समय अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे निरन्तर जिलाधिकारियों से समन्वय बना कर रखें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से जिलाधिकारी नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून से फोन के माध्यम से वार्ता कर बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, विद्युत और पेयजल की उपलब्धता तथा जलभराव के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि नदियों के जल स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखें। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि के कारण यातायात बाधित न हो, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र खुलवाया जाए। जल भराव की स्थिति में निकासी की उचित व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों के जल स्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे एवं अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों, अत्यधिक बारिश एवं आपदा ग्रस्त वाले इलाकों को लेकर विशेष नज़र बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने रिस्पांस टाइम कम से कम रखने के भी निर्देश दिये।

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