कांग्रेस ने नैनीताल सीट से प्रकाश जोशी के नाम पर लगाई मोहर

शनिवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से प्रत्याशियों की जो एक और सूची जारी हुई उसमें प्रकाश को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया। प्रकाश कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबियों में शुमार माने जाते हैं।कांग्रेस ने प्रत्याशियों की पहली सूची में उत्तराखंड की कुल पांच संसदीय सीटों में से केवल अल्मोड़ा, टिहरी और गढ़वाल सीट पर ही प्रत्याशी घोषित किए थे। उस वक्त नैनीताल-ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार संसदीय सीट पर प्रत्याशी चयन का निर्णय टल गया था। दरअसल, हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के अपने बेटे वीरेंद्र रावत की सियासी लॉन्चिंग की मंशा और अन्य कई दिग्गजों की भी पुरजोर दावेदारी से पेंच फंस रहा था।

इसके साथ ही यह भी चर्चाएं चली थीं कि हरिद्वार सीट के फेर में नैनीताल सीट की टिकट भी फंस रहा है। क्योंकि वहां पार्टी का अंतर्द्वद्व न साध पाने की स्थिति में हाईकमान को हरीश रावत को कहीं नैनीताल सीट के लिए न मनाना पड़े। दिल्ली में कई दौर की बैठकों में पार्टी हाईकमान हरीश रावत के पक्ष में तो मन बना रहा था लेकिन रावत बेटे को सियासी विरासत सौंपने की अपनी योजना पर अडिग बने हुए थे।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। इन तमाम नामों की चर्चाओं के बीच कांग्रेस का टिकट प्रकाश जोशी ले उड़े। पार्टी सूत्र बताते हैं कि स्थानीय स्तर से प्रकाश का नाम टिकट की दावेदारी में नहीं गया था।

अब चर्चा है कि प्रकाश का दिल्ली कनेक्शन उन्हें संसदीय सीट से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने में मददगार साबित हुआ। वह पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के सिपहसालारों की टीम के सदस्य रहे हैं। उन्होंने लंबे समय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव का दायित्व भी संभाला है।

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