रंगदारी से पीड़ित प्रतीक अग्रवाल ने पत्रकारों के समक्ष रखी अपनी दास्तान

28 अक्टूबर 2030  काशीपुर : रामनगर रोड स्थित एक होटल में बुलाई गई पत्रकार वार्ता में प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से अनूप अग्रवाल के अत्याचारों से बुरी तरह पीड़ित हैं। हद तो तब हो गई जब करीब एक माह पूर्व अनूप अग्रवाल ने उनसे 20 लाख रुपए उधार मांगे। मना करने पर मुझे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और जब मैं पायते वाली रामलीला के शुभारंभ अवसर पर रामलीला मैदान में पहुंचा तो वहां अनूप अग्रवाल पहले से ही मौजूद थे। जहां अनूप अग्रवाल ने उसे एक एडिटेड अश्लील वीडियो दिखाकर 40 लाख रुपए की मांग की।और मुझ पर अपने साथियों के साथ हमले का प्रयास किया तथा उनके ऊपर फायरिंग की जिसमें वह बाल बाल बचे। इस घटना के बाद से ही उनका परिवार गहरे सदमे में है। उनके बीवी बच्चों सहित मेरे माता-पिता बहुत परेशान है । प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि मेरा और मेरे परिवार का अनूप अग्रवाल ने सब सुख चैन छीन लिया है ।मेरे पिताजी दिल के मरीज है। मेरी बीवी बच्चे रो रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर पूरा परिवार दहशत में आ गया और तब उनके पिताजी ने मजबूर होकर कहा कि अब इस तरह डरने से काम नहीं चलेगा । पानी सिर से ऊपर पहुंच चुका है लिहाजा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराओ। मैं होशो हवास खो चुका था इसलिए मैंने सामान्य होने पर 25 अक्टूबर को काशीपुर कोतवाली में अनूप अग्रवाल से डरते डरते अपने साथ हुई घटना की जैसे तैसे रिपोर्ट दर्ज कराई। मुझे पुलिस विभाग पर पूर्ण विश्वास है कि वह न्याय संगत कार्रवाई करते हुए अनूप अग्रवाल जैसे शातिर बदमाश को जो फर्जी क्लिपिंग , फर्जी आवाज और और फर्जी फेसबुक आई डी बनाकर सोशल मीडिया पर लोगों को प्रताड़ित करके उन्हें ब्लैकमेल करता है उसे और उसके दुष्कृत्यों में शामिल उसके पुत्र व साथियों को जेल भेजेगा। प्रतीक अग्रवाल ने मीडिया से गुहार लगाई कि मीडिया के समक्ष आकर अपनी बात कहने के बाद अब अनूप अग्रवाल से पीड़ित दूसरे लोग भी मीडिया के सामने आकर अपना दर्द व्यक्त करने का साहस जूटा सकते हैं। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि मेरे दर्द को आप अपने शब्दों में पिरोकर मेरी आवाज को जनता तक पहुंचाने का कष्ट करेंगे ताकि अनूप अग्रवाल के द्वारा बनाए गए भय के माहौल का पर्दाफाश हो सके और लोगों के दिल और दिमाग में छाई उसकी दहशत समाप्त हो सके ।

 

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