आयुक्त श्री दीपक रावत ने कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जनमानस की समस्याआंे एवं शिकायतों का संज्ञान गंभीरता से लिया – Nikhil Chetna

आयुक्त श्री दीपक रावत ने कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जनमानस की समस्याआंे एवं शिकायतों का संज्ञान गंभीरता से लिया

हल्द्वानी – 26 अगस्त 2023-  आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में शनिवार को कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में जनसुुनवाई आयोजित हुई। आयुक्त श्री रावत ने आम जनमानस की समस्याआंे एवं शिकायतों का संज्ञान गंभीरता से लिया जिसमें विभिन्न लोगो ने पेयजल, सडक, विद्युत, पेंशन, अतिक्रमण,विद्युत, के साथ ही अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद सम्बन्धित आयी।
आयुक्त ने जनसुुनवाई के दौरान अधिकतर समस्याआंे एवं शिकायतों को निस्तारित करते हुए शेष समस्याओं व शिकायतों को दूरभाष के माध्यम से सम्बन्धित अधिकारिंयो को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान एवं निस्तारित करने के निर्देश दिए।

*विगत 04 अगस्त की शाम को आयुक्त ने रुद्रपुर में निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया कि रुद्रपुर सिलिंग की जमीन पर कुछ टाइल्स कारोबारियांे के द्वारा अवैध कब्जा कर टाइल्स का कारोबार किया जा रहा था। आयुक्त के निर्देशों के बाद प्राधिकरण द्वारा अवैध कारोबार को हटा दिया गया है। इसके साथ ही सरकार के राजस्व आय में बढ़ोतरी और जीएसटी कर चोरी की सम्भावना को देखते हुये आयुक्त ने जीएसटी की टीम को निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इसी क्रम में जीएसटी अधिकारियों द्वारा आज मण्डलायुक्त को बताया गया कि वर्तमान में कुमाऊं में 179 फर्म टाइल्स कारोबार में पंजीकृत है। आयुक्त ने सभी फर्मों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर पुनः रिपोर्ट पेश करने को कहा है।*
*उन्होंने जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर ठाकुर रणवीर को निर्देश दिये कि सभी फर्मों के टाइल्स स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही फर्माे के गोदामों का भी निरीक्षण कर सत्यापन किया जाए। इससे सरकार को प्राप्त होने वाले कर की मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी कर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी, साथ ही सभी फर्म अपने गोदामों को भी जीएसटी में पंजीकृत कराए।*
जनसुनवाई में रेखा जोशी निवासी गंगोलीहाट पिथौरागढ ने बताया कि राधाबंगर लालकुंआ में 2014 में 1444 वर्ग फिट भूमि माया बेलवाल से क्रय की गई थी। भूमि की रजिस्ट्री में 12 फिट रावत दक्षिण दिशा में देना तय हुआ था। लेकिन भूमि में रास्ता नही दिया गया। उन्होंने समाधान कराने का अनुरोध किया। जिस पर आयुक्त श्री रावत ने तहसीलदार लालकुंआ को स्थलीय निरीक्षण कर समाधान कराने के निर्देश दिये। शान्ति देवी मुरारजी नगर हल्द्वानी ने बताया कि उनकी भूमि पर कब्जा किया हुआ है उन्होंने कब्जा दिलाने की मांग रखी। जिस पर आयुक्त ने तहसीलदार हल्द्वानी को जांच कर कब्जा दिलाने के निर्देश दिये। गोविन्द बल्लभ निवासी मल्ला चोरगलिया ने बताया कि वर्ग 4 भूमि के विनियमित करने हेतु आवेदन किया गया तथा शुल्क भी नवम्बर 2021 में जमा करा दिया है। अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई है। आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी को जांच कर पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
इसके साथ ही जनसुनवाई में शोभा पंत मधुलिका विहार हल्द्वानी ने बताया कि उनके 10 फिट भूमि में कब्जा करने की शिकायत की,हरीश सिंह कनवाल छडायल चौराह हल्द्वानी ने 1970 में बनी दुकानों को प्राधिकरण से आपत्ति का निराकरण कराने का अनुरोध किया,तहसील लालकुआं के 20 लोगों ने भूमि का मालिकाना हक दिए जाने का अनुरोध किया एवं वेदराम निवासी फिरोजपुर काशीपुर ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है अतः उनके द्वारा न्यायालय में निशुल्क अधिवक्ता प्रदान करने का अनुरोध किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।