आप 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में

नई दिल्ली 28 मई 2023 : आम आदमी पार्टी ने बुधवार को कहा कि वह 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और लोगों को यह बताने के लिए एक अभियान चलाएगी कि राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र का अध्यादेश उनके खिलाफ है.

विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिश के बीच आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर आप का यह एकतरफा बयान आया है. वहीं आप के राष्ट्रीय संगठन महासचिव संदीप पाठक ने अपने बयान में कहा है, सैद्धांतिक रूप से हम यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन करते हैं. संविधान का आर्टिकल 44 भी इसका समर्थन करता है. आर्टिकल 44 कहता है कि UCC होना चाहिए.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव संदीप पाठक ने कहा, लेकिन ये मुद्दा सभी धर्म संप्रदाय से जुड़ा मुद्दा है, लेकिन स्टेक होल्डर्स से आम सहमति बनानी चाहिए. आप के महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने कहा कि आप 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी का अभियान लोगों को यह बताने पर केंद्रित होगा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र का “काला अध्यादेश” उनके खिलाफ है. दिल्ली और हरियाणा के आप नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आप के महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने विपक्षी दलों के भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि यह कांग्रेस के “रवैये” पर निर्भर करता है.

केंद्र ने बीते 19 मई को दिल्ली में ग्रुप ए अधिकारियों के तबादले और तैनाती के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण बनाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था, जिसे आप सरकार ने सेवाओं के नियंत्रण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ धोखा बताया था. यह अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली में निर्वाचित सरकार को पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य मामलों का नियंत्रण सौंपने के बाद लाया गया था. शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों का स्थानांतरण और तैनाती उप राज्यपाल के कार्यकारी नियंत्रण में थी. आप इस मुद्दे पर कई गैर-भाजपा दलों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रही है, वहीं कांग्रेस ने अभी तक अध्यादेश की निंदा नहीं की है.

उन्होंने कहा, हम लोगों को बताएंगे कि काला अध्यादेश केजरीवाल विरोधी नहीं, बल्कि जनविरोधी है. अन्य मुद्दे हैं कि भाजपा विपक्षी दलों को खत्म करना चाहती है और मोदी सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल के दौरान क्या काम किया है. यदि कोई मोदी सरकार द्वारा किये गए चार कार्य के बारे में बात कर सके तो मैं उन्हें बधाई दूंगा. पाठक ने मोदी सरकार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को “बर्बाद” करने का आरोप भी लगाया.

आप नेता ने कहा कि भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालांकि, यह कांग्रेस पर निर्भर करता है. आप नेता पाठक ने कहा, यदि कांग्रेस खुले दिल वाली है और सभी को साथ लेकर चलने को तैयार है, तो कुछ भी संभव है, लेकिन अगर वह अहंकारी है, तो चीजें मुश्किल होंगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 23 जून को पटना में विपक्षी नेताओं की एक बैठक में शामिल हुए थे.

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