भारी बारिश के बीच तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केदारनाथ यात्रा को एक बार फिर से रोका गया

रुद्रप्रयाग | रुद्रप्रयाग जिले में जारी भारी बारिश के बीच अप्रिय घटनाओं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केदारनाथ यात्रा को एक बार फिर से रोक दिया गया है.

रुद्रप्रयाग जिले प्रशासन के अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी. रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने मीडिया एजेंसी ANI से कहा कि, बारिश को देखते हुए अगले आदेशों तक केदारनाथ यात्रा को रोकने का निर्णय लिया गया है. वहीं जो श्रद्धालु यहां यात्रा और दर्शन के लिए पहुंच गए थे उन सबको सोनप्रयाग में रोका गया है. उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धालुओं को मौसम ठीक नहीं होने तक केदारनाथ यात्रा करने के लिए मना किया है.

बता दें आज सुबह 10.30 बजे से सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों को आगे नहीं भेजा जा रहा है. सुबह 8 बजे तक 5828 यात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना हुए थे, लेकिन भारी बारिश के कारण उन्हें बीच में ही रोक दिया गया.

इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंचे. सीएम धामी ने रुद्रप्रयाग जिले प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं.

बता दें देहरादून में भारी बारिश होने की वजह से नौ सड़कें ब्लॉक हो गई हैं. एक स्टेट हाईवे और नौ ग्रामीण सड़कों पर मलबा आया हुआ है. प्रशासन की मशीनरी सड़के खोलने में जुटी हैं. इससे पहले देहरादून मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा कि मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है जिसे देखते हुए रविवार से देहरादून समेत सात जिलों में अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी है. इस दौरान देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल व बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना है. मालूम हो गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर भक्तों के लिए खोले गए थे. वहीं, केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुले गए.

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