राज्य सरकार की श्रद्धालुओं से अपील, चार धाम यात्रा के दौरान अपने स्वास्थ्य का रखें ध्यान

13 मई 2023 देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं, लेकिन यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं के बीमार होने की संख्या भी तेजी से बढ़ती नजर आ रही है. वर्तमान स्थिति ये है कि रोजाना हजारों लोग अपनी स्क्रीनिंग और इलाज करा रहे हैं. यही नहीं, अभी तक कई लोगों को यात्रा मार्ग से बिना दर्शन के वापस भी भेजा गया है, जो बीमार होने के बावजूद धामों के दर्शन करने आ रहे हैं.

राज्य सरकार लगातार अपील कर रही है कि श्रद्धालु अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए चार धाम दर्शनों को आएं. वहीं, स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धामों में इलाज लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है. धामों में रोजाना करीब 2500 लोग ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. इसके अलावा इमरजेंसी, इंजर्ड और रेफर के भी तमाम मामले सामने आ रहे हैं.राज्य सरकार ने धामों में आने वाले 55 साल से अधिक उम्र के श्रद्धालुओं की आवश्यक रूप से स्क्रीनिंग करा रही है. यही वजह है कि रोजाना करीब 10 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, केदारनाथ धाम में अभी तक करीब 20 हजार 600 लोग ओपीडी का लाभ उठा चुके हैं. साथ ही 6 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. इसके अलावा केदारधाम में इमरजेंसी के 2919, इंजरी के 257 के साथ ही 68 लोगों को रेफर किया जा चुका है. इसके अलावा श्रद्धालुओं के बीमार होने के चलते अभी तक केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग से 20 लोगों को वापस भेजा गया है. चारों धामों से अभी तक कुल 35 लोगों को वापिस भेजा जा चुका है.चारों धामों में से श्रद्धालुओं की सबसे अधिक हेल्थ स्क्रीनिंग गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में हो रही है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यमुनोत्री धाम में अबतक करीब 72 हजार श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें 54 साल से कम उम्र के 36 हजार से ज्यादा श्रद्धालु और 55 साल से अधिक उम्र के 35 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं. इसके साथ ही 15 श्रद्धालुओं को अबतक यमुनोत्री धाम से वापस रवाना किया गया है. वहीं, गंगोत्री धाम में अबतक करीब 41 हजार श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिसमें 54 साल से कम उम्र के करीब 24 हजार श्रद्धालु और 55 साल से अधिक उम्र के करीब 18 हजार श्रद्धालु शामिल हैं.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सरका की प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो इसके लिए ही सरकार श्रद्धालुओं को लगातार स्वास्थ्य और मौसम को लेकर आगाह कर रही है. मौसम लगातार बदल रहा है, ऐसे में श्रद्धालुओं से कहा जा रहा है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और अगर मौसम ठीक नहीं है तो यात्रा थोड़ा रुककर करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।