14 अगस्त को केजरीवाल ने तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाने का किया आह्नान, कपिल मिश्रा बोले- पाकिस्तान का जश्न मनाना है तो उधर जाकर मनाइए – Nikhil Chetna

14 अगस्त को केजरीवाल ने तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाने का किया आह्नान, कपिल मिश्रा बोले- पाकिस्तान का जश्न मनाना है तो उधर जाकर मनाइए

भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर संपूर्ण देश ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है। देश के नागरिकों में देशभक्ति की भावना बढ़ाने के मकसद से यह ‘तिरंगा बाइक रैली’ आयोजित की गई है। मोदी सरकार से लेकर विपक्ष तक के नेता अपने अपने तरीके से इस जश्न में शामिल हो रहे हैं। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से 14 अगस्त की शाम पांच बजे तिरंगा फहराकर और राष्ट्रगान गाकर आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने का आह्वान किया। लेकिन केजरीवाल के इस ऐलान के बाद विवाद हो गया है। बीजेपी ने इसको लेकर निशाना साधा है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल की इस अपील पर पलटवार करते हुए कहा है कि 14 अगस्त को तो बॉर्डर पार (पाकिस्तान में) आजादी होती है।

कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा कि सुनिए अरविंद केजरीवाल जी 14 अगस्त को आज़ादी का दिन बॉर्डर के इस पार नहीं बॉर्डर के उस पार होता हैं। दिल्ली में स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त को ही मनाया जाएगा , आपको पाकिस्तान का जश्न मनाना है तो उधर जाकर मनाइए। बीजेपी नेता ने ट्विटर पर अपने वीडियो के जरिये कहा कि केजरीवाल का 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस उत्सव मनाने का फैसला देश के विभाजन की जो विभीषिका है, उसको अनदेखा करना है। ये जानबूझकर 15 अगस्त और आजादी के अमृत महोत्सव का अपमान करने की कोशिश करने वाला कदम है। मिश्रा ने कहा कि अगर उनसे गलती हुई है तो उन्हें ये फैसला वापस लेना चाहिए। 14 अगस्त को पाकिस्तान का स्वाधीनता दिवस है। हमारे लिए ये दुख और दर्द का दिन है। उस दिन करोड़ों हिंदुओं की हत्या हुई है। आप उसी दिन उत्सव मनाना चाहते हैं।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने लोगों से 14 अगस्त की शाम पांच बजे तिरंगा फहराकर और राष्ट्रगान गाकर आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने का आह्वान किया। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने पूरे शहर में 25 लाख झंडे बांटने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूल के छात्रों को भी झंडे दिए जाएंगे, ताकि वे उन्हें घर ले जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, “देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।