पंचायत मंत्री की चेतावनी पंचायतों का पैसा खर्च न करने वाले होंगे दंडित

 

देहरादून 11 अप्रैैल 2023। जिला पंचायत, विकासखंड और ग्राम पंचायतों का पैसा खर्च न होने पर दोषियों को दण्डित किया जायेगा। ऐसी ग्राम सभा, विकासखण्ड और जिला पंचायतों को चिन्हित कर कार्यवाही की जायेगी, जिनका सबसे खराब प्रदर्शन होगा।

उक्त बात प्रदेश के पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, लोक निर्माण,
सिंचाई, पर्यटन, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को सहस्त्रधारा रोड, डांडा लखौड़ स्थित पंचायती राज निदेशालय में 17 अप्रैल 2023 को नई दिल्ली विज्ञान भवन में होने वाले “पंचायतों का प्रोत्साहनीकरण विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन-सह पुरस्कार वितरण समारोह” की तैयारियों हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैबिनेट की बैठक गांव में कराए जाने के लिए गांव का चयन करने के साथ-साथ जिला पंचायतों में भ्रष्टाचार के जो भी मामले उजागर हुए हैं उन पर सख्ती से कार्यवाही की जाए।

पंचायत मंत्री सतपाल महाराज ने पंचायत अधिकारियों से पूर्व में आयोजित बैठक में तय हुऐ विषय पंचायत निदेशालय में कॉल सेंटर, व्हाट्सएप नंबर आदि स्थापित किये जाने पर पंचायत अधिकारियों ने बताया कि 1 मई 2023 तक निदेशालय में सेंटर की स्थापना कर दी जाएगी। पंचायत मंत्री ने कहा कि पंचायतें स्वयं के आय के स्रोत में वृद्धि करने के लिए कार्य योजना तैयार करें।

पंचायत मंत्री श्री महाराज ने ग्राम पंचायतों, विकासखंड और जिला पंचायतों में स्वच्छता एवं पेयजल के लिए 15वें वित्त आयोग से मिली धनराशि को 2020-21, 2021-22, 2022-23 तक खर्च ना करने पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिन ग्राम पंचायतों विकास खंडों और जिला पंचायतों में पैसा खर्च नहीं होगा उनके जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के 13 जनपदों की पंचायतों में 15 वें वित्त आयोग से जिला पंचायत को मिले 81.29 करोड़ में से 63.07 करोड़, ग्राम पंचायतों को मिले 402.72 करोड़ में से 315.36 करोड़ और विकासखण्डों को मिले 54.20 करोड़ में से मात्र 34.70 करोड़ की धनराशि खर्च किये जाने पर दोषियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। की धनराशि इसके अलावा जो ग्राम सभाएं ,जिला पंचायत और विकासखंड सबसे अच्छा कार्य करेंगे उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा।

बैठक में जागेश्वर विधायक मोहन सिंह, पंचायतीराज सचिव नितेश झा, अपर सचिव ओंमकार सिंह, अपर निदेशक मनोज कुमार तिवारी, संयुक्त निदेशक रविनाथ रमन त्रिपाठी एवं हिमाली आदि अधिकारी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।