संपे्रषण गृह में बच्चों को नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो – कुसुम कण्डवाल

रूद्रपुर| अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग श्रीमती कुसुम कण्डवाल ने रूद्रपुर पहंुचकर सम्पे्रषण गृह का निरीक्षण व महिला स्वयं सहायता समूह के कार्यो का अवलोकन किया। उन्होने सम्पेषण गृह के निरीक्षण के दौरान बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को चख कर गुणवत्ता को परखा। उन्होने कहा कि भोजन की गुणवत्ता ठीक थी, कक्ष एवं शौचलय आदि भी साफ-सुथरा था। मा0 अध्यक्ष ने सम्पे्रषण गृह में रह रहे बच्चों से मिल कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होने प्रधान मजिस्टेªट किशोर न्याय बोर्ड डाॅ0 आलोक राम त्रिपाठी से मुलाकात कर आवश्यक जानकारी ली। मा0 अध्यक्ष ने कहा कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों की निगरानी करनी चाहिये। जिससे बच्चा गलत संगत में पड़ कर गलत कार्य न करें। उन्होने कहा कि संपे्रषण गृह में बच्चों को नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो इसके लिये प्रयास किया जायेगा। उन्होने कहा कि संपे्रषण गृह में स्टाफ आदि की यदि कही कोई कमियां है उसे भी मै अपने स्तर से मा0 मुख्यमंत्री व सम्बन्धित विभाग से वार्ता कर कमियों को दूर करने का प्रयास करूगीं। उन्होने कहा कि यहा पर और क्या अच्छा हो सकता है उसके लिये भी कार्य किया जायेगा। उन्होने कहा कि संपे्रक्षण गृह में जो बच्चे रह रहे है उनके लिये जो सुविधायें सकार द्वारा दी जा रही है वें बच्चों को मिल रहा है या नही उसको भी देखने आयी हुं जो सब कुछ ठीक मिला।
मा0 अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिये आयोग द्वारा अनेकों प्रयास किया जा रहा है। उन्होने कहा कि यदि कही पर भी कोई महिला उत्पीड़न का मामला सामने आता है तो उसके लिये पुलिस विभाग को आयोग द्वारा निर्देश दिये गये है कि तत्काल मामला दर्ज कर महिला को सहयोग करें। उन्होने कहा कि पुलिस विभाग को निर्देश दिये गये है कि यदि पीड़ित महिला पुलिस के पास आती है तो उसकी हर बात सूनी जाये। उन्होने कहा कि महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिये सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये स्वंय सहायता समूह से जोड़कर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिये जा रहे है। उन्होने कहा कि अब महिलाएं भी जागरूक हो गयी है जो अपने पैरों पर खड़ा हो कर अपना परिवार चला रही है। उन्होने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिये जो योजना चला रही है उसकी सुविधा सही तरीके से महिलाओं को मिल रही है या नही इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि महिला तस्करी रोकने के लिये भी आयोग द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे है। उन्होने कहा कि राज्य में महिला नीति बनायी जा रही है जो देश का पहला राज्य होगा। उन्होने बताया कि 01 अप्रैल, 2022 से वर्तमान तक महिलाओं और किशोरियों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग में विभिन्न प्रकार के 1309 मामले दर्ज किये गये जिसमें से 607 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, 702 मामलों पर कार्यवाही चल रही है।
इस दौरान अधीक्षक संपे्रषण गृह राजेन्द्र पाण्डे, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अमित श्रीवास्तव, रजनीष बत्रा, स्वेता मिश्रा, लक्ष्मी रस्तोगी, फरजाना बेगम, माही सकलानी आदि उपस्थित थे।
मा0 अध्यक्ष ने काशीपुर रोड स्थित महिला स्वंय सहायता समूह के कार्यो का अवलोक किया। उन्होने समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पाद को भी देखा।
इस दौरान अध्यक्ष नारी शक्ति कलस्टर चन्द्रमणी दास व समूह की महिलाएं आदि उपस्थित थें।

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