देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर एवं डोईवाला के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का हुआ आयोजन

देहरादून | माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में आज प्रातः 10:00 बजे से सायं 05.00 बजे तक जिला मुख्यालय देहरादून, बाह्य न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर एवं डोईवाला जनपद देहरादून के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले, पारिवारिक मामलें, चैक बाउन्स से सम्बंधित मामलें व अन्य शमनीय प्रकृति के अपराधिक मामले लगाये गये थे। लोक अदालत में संदर्भित मामलों के निस्तारण हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा कुल 11 पीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में शमनीय प्रकृति के 917 मामले, चैक सम्बंधी 497 मामलें, धन वसूली सम्बंधी 6 मामलें मोटर दुर्घटना क्लैम ट्राईयुनल के 39 मामलें, विद्युत सम्बंधी 67 मामले, पारिवारिक विवाद सम्बंधी 82 मामलें, श्रम विवाद सम्बंधी 05 मामले एवं अन्य सिविल प्रकृति के 127 मामले कुल 1831 मुकदमों का निस्तारण किया गया तथा 11,671,109/- रू0 की धनराशि पर समझौता हुआ।

उक्त लोक अदालत में जिला न्यायाधीश, देहरादून प्रदीप पंत की पीठ द्वारा कुल 93 मामले, सुधीर कुमार सिंह, अष्ट्म अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देहरादून की पीठ द्वारा 47 मामले, श्रीमती आफिया मतीन, षष्टम अपर वरिष्ठ सिविल जज, देहरादून की पीठ द्वारा 218 मामलें धर्मेन्द्र शाह, अष्ट्म अपर वरिष्ठ सिविल जज, देहरादून की पीठ द्वारा 315 मामले, लक्ष्मण सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पीठ द्वारा 313 मामले, संजय सिंह, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पीठ द्वारा 179 मामलें, अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, चतुर्थ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, देहरादून की पीठ द्वारा 135 मामले, हरीश कुमार गोयल, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, देहरादून की पीठ द्वारा 49 मामले निस्तारित किये गयें। साथ ही बाह्य न्यायालय, विकासनगर में राहुल गर्ग, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विकासनगर की पीठ द्वारा 147 मामले, बाहय न्यायालय ऋषिकेश में भवदीप रावते, वरिष्ठ सिविल जज, ऋषिकेश की पीठ द्वारा 158 मामलें, बाह्य न्यायालय डोईवाला में श्रीमती मीनाक्षी दुबे सिविल जज की पीठ द्वारा 86 मामले निस्तारित किये गयें। इस लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर के मामले भी निस्तारित किये गये। उक्त लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर के 10405 मामलों का निस्तारण आपसी समझौते के आधार पर किया गया तथा रू० 49508582 / रू० की धनराशि के सम्बंध में समझौते किये गये। जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा अवगत कराया कि लोक अदालतें सरल व त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक प्रभावी माध्यम है. लोक अदालत में पक्षकार आपसी समझौते के आधार पर मामले का निस्तारण करा सकते हैं, ऐसे आदेश अंतिम होते हैं तथा पक्षकारों को उनके द्वारा दिया गया न्यायशुल्क भी वापस कर दिया जाता है।

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