सरकार ने बताया कब आएगी रसोई गैस के दामों में कमी – Nikhil Chetna

सरकार ने बताया कब आएगी रसोई गैस के दामों में कमी

आम जनता को लंबे वक्त से इंतजार है कि कब देश में रसोई गैस के दामों घटेंगे. अब इस सवाल का जवाब सरकार ने दिया है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को लोकसभा में इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर इंटरनेशनल मार्केट में गैस के दामों में कमी आती है तो सरकार जल्द ही घरेलू गैस सिलेंडर के दामों  को कम करने पर विचार करेगी. देश में घरेलू गैस सिलेंडर के प्राइस के बारे में डीएमके सांसद डॉक्टर वीरास्वामी कलानिधि ने सवाल पूछा था. उन्होंने प्रश्नकाल में पूछा कि भारत में कब गैस के दामों में कमी आएगी. इस सवाल के जवाब में हरदीप सिंह पुरी इंटरनेशनल मार्केट में गैस के दाम कई तरह के फैक्टर्स पर निर्भर करते हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार ऐसी तैयारी कर रही है जिससे देश में गैस की कमी नहीं होगी. इससे गैस के प्राइस में कटौती करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार देश की गरीब जनता की मांग के प्रति ‘संवेदनशील’ है. सऊदी अरब में गैस के दामों में 330 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है, लेकिन सरकार ने उसकी तुलना में रसोई गैस के दामों में बहुत कम बढ़ोतरी की है. ऐसे में अगर सऊदी अरब में गैस की कीमतों में कमी दर्ज की जाती है तो इसका असर देश में मिलने वाले एलपीजी सिलेंडर पर भी दिखेगा. ऐसी स्थिति में सरकार आम लोगों को सस्ता गैस सिलेंडर देने में समर्थ होगी. 2022 में सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दामों में 150 रुपये के करीब प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की है. वैसे भी महंगे रसोई गैस के लेकर मोदी सरकार पर विपक्ष चौतरफा हमला बोल रहा है. विपक्ष महंगे रसोई गैस को लेकर सवाल उठा रहा है और याद दिला रहा है कैसे 2014 में घरेलू रसोई गैस 414 रुपये प्रति सिलेंडर में मिल रहा था. राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने एक अप्रैल 2023 में 500 रुपये में सिलेंडर देने का वादा किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।