देश में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का उपयोग काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है : अर्ध-शहरी, ग्रामीण स्टोरों पर UPI लेनदेन में 650 फीसदी की बढ़ोत्तरी

UPI Transactions : हर दूसरा व्यक्ति मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके कारण अब डिजिटल भुगतान से अपने रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीद रहा है. देश में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का उपयोग काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. भारत में इस साल 2022 की अर्ध-शहरी और ग्रामीण दुकानों में यूपीआई लेनदेन में 650 फीसदी की जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई है. मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.

डिजिटल नेटवर्क पेनियरबाय  की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2022 में अर्ध-शहरी और ग्रामीण रिटेल काउंटर्स पर सहायक वित्तीय लेनदेन में मूल्य और मात्रा में क्रमश: 25 प्रतिशत और 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. माइक्रो-एटीएम (ATM) और एमपीओएस (MPOS) उपकरणों की मांग में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. वही वित्तीय संस्थानों और एनबीएफसी के लिए ईएमआई संग्रह में 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है. हालांकि, प्रति लेनदेन औसत नकद निकासी में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जिसमें 2021 में 2,620 रुपये, 2022 में 2,595 रुपये प्रति लेन-देन हुआ है.

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