*नई दिल्ली।* 8वें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी चर्चा DA मर्जर को लेकर है। क्या 50% या 60% DA को बेसिक सैलरी में मिलाया जाएगा? इस पर अब सरकार ने स्थिति साफ कर दी है।
*सरकार ने कहा – कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं -*
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि DA और DR को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई भी प्रस्ताव फिलहाल सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार का कहना है कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है कि DA के 50% पार होते ही उसे बेसिक में मिला दिया जाए।
बता दें कि 5वें वेतन आयोग तक 50% DA मर्ज करने की व्यवस्था थी, जब 2004 में 50% DA को बेसिक में मिलाया गया था, लेकिन 6वें और 7वें आयोग में इसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
*फिलहाल DA 60% पर -*
जनवरी 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों का DA बेसिक पे का 60% हो चुका है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे बेसिक में मर्ज कर दिया जाए, क्योंकि बेसिक बढ़ने से HRA, TA, PF, ग्रेच्युटी और पेंशन पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
*अब क्या होगा?*
सरकार ने अंतरिम विलय से इनकार किया है। अब जो भी नया पे-मैट्रिक्स बनेगा, वो 8वें वेतन आयोग में बनेगा। उस समय जमा DA को फिटमेंट फैक्टर के जरिए नए बेसिक में समाहित किया जाएगा और DA की दर 0% से फिर शुरू होगी। 22-23 अक्टूबर को मुंबई में आयोग की अहम बैठक होनी है, जहां इस मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे।