ग्राम सभाओं में ग्रामीण विकास की योजनाओं पर होगा संवाद, सुझावों के आधार पर तैयार की जाएंगी विकास प्राथमिकताएं

*देहरादून 01 अक्टूबर, 2026

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं में भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप जन योजना अभियान (पीपल्स प्लान कैंपेन-पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से *‘रिफॉर्म उत्सव’* का शुभारंभ एवं क्रियान्वयन किया जाएगा।

 

*उत्तराखंड ग्राम्य विकास मंत्री श्री भरत सिंह चौधरी* ने बताया कि ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया जाएगा। ग्राम सभाओं में विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी साझा की जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

इस अवसर पर ग्राम सभाओं में पैम्फलेट, पोस्टर, आईईसी सामग्री, वीडियो/रील एवं छायाचित्रों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी सरल, सहज एवं स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी। चर्चा के दौरान ग्रामीणों के सुझावों एवं स्थानीय प्राथमिकताओं को ग्राम पंचायत विकास योजना एवं अन्य विकास योजनाओं में शामिल किए जाने पर भी जोर दिया जाएगा।

 

इसके साथ ही 2 अक्टूबर से *वी.बी.-जी. राम जी अधिनियम, 2025* के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) तैयार करने की नियोजन प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी, जो जनवरी तक चलेगी।2 जीपीडीपी एवं वीजीपीपी की ग्राम सभा बैठकें तथा सामूहिक नियोजन संबंधी गतिविधियां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आयोजित की जाएंगी, ताकि विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में दोहराव की स्थिति न बने।

 

विशेष ग्राम सभाओं में अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए निर्धारित विभिन्न प्रावधानों, योजनाओं एवं पात्रता संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। ग्रामीणों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

ग्राम सभाओं में क्षेत्रीय कार्मिकों द्वारा योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्रामीणों के सुझाव एवं स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए विकास की कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर रहेगा। ‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से ग्राम स्तर पर जनभागीदारी, पारदर्शिता और विकास योजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की दिशा में संवाद को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nikhil Chetna एक ऐसी साइट लगती है जहाँ रोज़मर्रा के फैसलों को ज़्यादा जागरूक, शांत और सोच-समझकर लेने की बात सामने आती है। यहाँ ध्यान इस बात पर है कि किसी भी चमकदार वादे या जल्दी मिलने वाले फायदे के पीछे भागने से पहले स्थिति को ठीक से समझा जाए। यही तरीका सिर्फ आत्मविकास या निजी चुनावों में नहीं, बल्कि ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन और पैसे से जुड़े फैसलों में भी काम आता है। स्विट्ज़रलैंड में ऑनलाइन कैसीनो की बात आए, तो सावधानी और भी ज़रूरी हो जाती है। सुंदर वेबसाइट, बड़ा बोनस या आसान रजिस्ट्रेशन अपने आप में भरोसे की गारंटी नहीं होते। पहले यह समझना बेहतर है कि ऑपरेटर के पास वैध लाइसेंस है या नहीं, ESBK की भूमिका क्या है, भुगतान, सीमाओं और खिलाड़ी सुरक्षा से जुड़े नियम कैसे काम करते हैं। ऐसे कानूनी ढांचे, लाइसेंस, ESBK की निगरानी और आम गलतियों को समझने के लिए उपयोगी जानकारी यहाँ मिल सकती है: l legale Online-Casinos in der Schweiz findenइसके बाद कानूनी प्लेटफॉर्म और जोखिम भरे ऑफशोर विकल्पों में फर्क करना काफी आसान हो जाता है। आखिर में, Nikhil Chetna जैसी सोच डिजिटल मनोरंजन में भी संतुलित निर्णय लेने में मदद करती है। नियम, लाइसेंस और संभावित जोखिम जितने साफ होंगे, उतनी ही कम गलतफहमियाँ और गलत चुनाव होंगे।